सैंड आर्टिस्ट और छात्र रूपेश सिंह ने महाग्रंथ के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए रामायण के विभिन्न घटनाक्रमों को रेत पर बनाया है। जैसे श्रीराम का हनुमान जी से मिलन, राम-केवट संवाद, वन में राम और छोटे भाई भरत में संवाद आदि।
अयोध्या में दीवापली से पहले पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है। इस बीच बलिया के सैंड आर्टिस्ट ने रामायण के प्रति अपनी श्रद्धा का प्रदर्शन करते हुए रामायण के घटनाक्रमों को रेत पर उकेरा है।
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सैंड आर्टिस्ट और छात्र रूपेश सिंह ने महाग्रंथ के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए रामायण के विभिन्न घटनाक्रमों को रेत पर बनाया है। जैसे श्रीराम का हनुमान जी से मिलन, राम-केवट संवाद, वन में राम और छोटे भाई भरत में संवाद आदि।
रूपेश सिंह कहते हैं कि मैंने यह तरीका इसलिए चुना क्योंकि मैं महंगी कला का खर्चा वहन नहीं कर सकूंगा, वहीं यह तरीका बहुत किफायती है। इसमें किसी उपकरण की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है। रूपेश ने इससे पहले अयोध्या में रामलला के मंदिर के भूमि पूजन के मौके पर भी रेत पर कलाकृतियां बनाई थीं।