भेलसर। रुदौली क्षेत्र की तीन राइस मिल मालिकों ने खाद्य विभाग का 1 करोड़ 4 लाख रुपये का चावल बकाया है। नोटिस जारी होने के बाद भी संबंधित राइस मिलरों पर कोई असर नहीं हुआ। वर्षों बाद भी चावल की रिकवरी नहीं हुई। नोटिस देने के बाद भी बकाया जमा न करने पर उनके खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी की गई है। अब उक्त धनराशि की वसूली तहसील प्रशासन करेगा।
वर्ष 2013 से 17 के मध्य राइस मिलर्स मालिकों ने धान से चावल तैयार करने के बाद विपणन विभाग को नहीं लौटाया। रुदौली तहसील क्षेत्र के राजकीय क्रय केंद्रों पर हुई धान खरीद करने के बाद उसे कुटाई करने के लिए राइस मिलर्स को दे दिया गया था। इसके बदले राइस मिलर को चावल तैयार करने की कीमत दी जाती है। चावल तैयार हो जाने के बाद विपणन विभाग इसे एफसीआई को सौंप देता है। नवंबर से फरवरी के बीच विपणन विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया धान रुदौली के चिह्नित राइस मिलर्स को चावल बनाने के लिए धान को उपलब्ध कराया जाता है।
एसएमआई रुदौली विनोद कुमार कुशवाहा ने बताया कि रुदौली के तीन राइस मिलरों पर विभाग का करीब एक करोड़ चार लाख रुपया बकाया है। जिसमें शर्मा राईस मिल पर 54 लाख, कंचन राइस मिल पर 25 लाख व हाजी साबिर राइस मिल पर 25 लाख रुपये बकाया हैं। इस पर अब विभाग ने सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है। संबंधित के खिलाफ आरसी जारी कर दी गई है।