वैदिक सिटी (नव्य अयोध्या) के नाम से आकार लेने वाली ‘ग्रीन फील्ड टाउनशिप’ में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए जिला प्रशासन व आवास विकास विभाग की टीम देश में स्मार्ट सिटी की व्यवस्था का अध्ययन कर रही है। हाल ही में मंडलायुक्त नवदीप रिणवा की अगुवाई में आवास विकास विभाग की एक टीम ने अहमदाबाद गुजरात जाकर वहां गिफ्ट सिटी की व्यवस्था जायजा लिया। कुछ इसी तर्ज पर नव्य अयोध्या को आकार देने की तैयारी है।
नव्य अयोध्या 1450 एकड़ में आकार लेगी। पहले चरण के लिए 83.54 फीसदी भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। सड़क, वाटर लाइन, सीवर, की सुविधा विकसित करने के लिए 475 करोड़ का ग्लोबल टेंडर भी हो चुका है। योजना में 80 देशों के गेस्ट हाउस, राज्यों के अतिथि निवास सहित मठ-मंदिर व आश्रम भी होंगे। योजना में अब तक आठ राज्यों के लिए जमीन आरक्षित की जा चुकी है। नेपाल व श्रीलंका ने भी टाउनशिप में जमीन मांगी है।
गांधीनगर के पास बन रही गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी (गिफ्ट) भारत की सबसे पहली स्मार्ट सिटी है। यह 886 एकड़ में फैली है। आवास विकास विभाग के अधिशाषी अभियंता ओपी पांडेय ने बताया कि नव्य अयोध्या अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस होगी। यहां निर्माण में बेहतर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
यूनीक होगा वैदिक सिटी का इंफ्रास्ट्रक्चर
गिफ्ट सिटी की तरह ही नव्य अयोध्या का इंफ्रास्ट्रक्चर यूनीक होगा। परिसर में डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम, यूटिलिटी टनल, कचरा एकत्र करने के लिए ऑटोमेटिक सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी। वैदिक सिटी में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बैंक, आईटी व बीमा कंपनियों के टावर भी बनाए जाएंगे। इसके लिए एक अंतरराष्ट्रीय आर्किटेक्ट के मदद ली जा रही है।
यूपी दिवस पर होगी लॉन्चिंग
आवास विकास विभाग के अधिशाषी अभियंता ओपी पांडेय ने बताया कि यूपी दिवस पर 25 जनवरी को इस योजना की लॉन्चिंग भी प्रस्तावित है। आधिकारिक रूप से इसी दिन से योजना का कार्य प्रारंभ माना जाएगा। दिसंबर 2023 तक योजना के पहले चरण का काम पूरा हो जाने की संभावना है।