अयोध्या। जिलाधिकारी ने गुप्तार घाट व मरी माता मंदिर के विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान बड़ी खामियां सामने आईं तो एक्सईएन व प्रोजेक्ट मैनेजर से स्पष्टीकरण करते हुए एई व जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। इसके साथ ही गुणवत्ता दुरुस्त कराने का निर्देश भी दिया।
गुप्तार घाट पर राजकीय निर्माण निगम की तरफ से बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालय के प्लास्टर कार्य में सीमेंट और मोरंग का औसत मानक के अनुरूप नहीं मिला तो डीएम नितीश कुमार ने संबंधित जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि दी।
सरयू नहर खंड से कराए जा रहे गुप्तार घाट की सीढ़ियों व पाथ-वे के किनारे लगाए गए इंटरलाकिंग की कई जगह खुदाई कराकर ईंट व उसके नीचे डाली गई जीएसबी/गिट्टी की मोटाई देखी। गुणवत्ता बेहद ही खराब पाए जाने पर संबंधित सभी जेई व एई को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और अगले आदेश तक वेतन निर्गत करने पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
उन्होंने सीढ़ियों पर लगाए गए पत्थरों के बीच की गैपिंग को फिर से भरने के साथ ही अन्य सभी कमियों को 15 दिन के भीतर निर्धारित मानक के अनुरूप ठीक करने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा मरी माता मंदिर परिसर में कराए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। वहां गुणवत्ता के अनुरूप कार्य न पाए जाने पर संबंधित जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। सभी कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने इन कार्यों के निरीक्षण में प्राप्त बड़ी कमियों के मद्देनजर संबंधित अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड/प्रभारी अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड व प्रोजेक्ट मैनेजर राजकीय निर्माण निगम को अनुश्रवण में शिथिलता बरतने के कारण तीन दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि कार्यों को मानक के अनुरूप नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।