हड़ताल का असर बैंक के साथ ही बीमा व परिवहन पर भी असर दिखा। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा।
केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के सदस्यों ने सेंट्रल बैंक सिविल लाइन मुख्य शाखा पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री व श्रम मंत्री के विरोध में नारेबाजी की।
बैंक कर्मियों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन केे नेता एसपी चौबे ने कहा कि मोदी सरकार मजदूरों व किसानों के विरोध में पूंजीपतियों के इशारे पर फैसले ले रही है।
पीएनबी एसए के नेता आरएस उपाध्याय ने कहा कि मजदूरों के हित में बैंक कर्मी सदैव आवाज उठा रहे हैं। सेंट्रल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष केके रस्तोगी ने कहा कि केंद्र सरकार बैंकों को कमजोर करना चाहती है।
पीएम बैंकों से जनधन एवं बीमा व्यवसाय कराकर अपनी छवि सुधार रहे हैं तो दूसरी ओर बैंक कर्मियों को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती कर रहे हैं।
दावा किया गया कि एसबीआई क्लीयरिंग हाउस बंद होने से लगभग पांच सौ करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ। इस दौरान कामगार विरोधी श्रम सुधार रोके जाए, जनविरोधी बैंकिंग सुधार रोके जाए, बैंक ऋणों को जानबूझकर अदा न करना फौजदारी अपराध घोषित किए जाने से अन्य मांग उठाई।
प्रदर्शन में मोती लाल शर्मा, डीआर सिंह, आरपी मिश्र, अशोक अस्थाना आदि थे। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस के बैनर तले श्रमिक संगठनों ने गुलाबबाड़ी पार्क से मार्च निकाला।
मजदूरों की मांगों के नारे लगाते हुए विकास भवन पहुंच जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें वामपंथी संगठनों के अलावा अन्य संगठन भी शामिल थे। यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार के एक साल के भीतर जनादेश के साथ वादाखिलाफी चरम पर आ गई।
कहा कि प्रदेश की अखिलेश सरकार भी मजदूर विरोधी कार्य करने में प्रदेश को पहले स्थान पर ले आई है। प्रदर्शन के माध्यम से मजदूरों की मांगों से संबंधित 12 सूत्री ज्ञापन डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा। प्रदर्शन को राम भरोस, अतीक अहमद, गुरुदयाल, उमाकांत विश्वकर्मा, राजेश वर्मा, सुनीता गौड़ आदि लोग थे।
अखिल भारतीय स्तर पर प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल पर बीमा कर्मचारी संघ फैजाबाद मंडल के कर्मचारी एआईआईए के आह्वान पर हड़ताल में शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि एलआईसी से जुड़ी 13 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ।
बीमा कर्मचारी संघ के महामंत्री रवि शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि श्रम कानूनों में गैरवाजिब व गैर जरूरी परिवर्तन देश के श्रमिकों को मंजूर नहीं। सुधार के नाम श्रम कानूनों को लचीला व कमजोर करने की साजिश की जा रही है। हड़ताल का संचालन अध्यक्ष आरडी आनंद ने किया। यहां आयोजित सभा में संजीव सिंह, केके पांडेय, सीएम पांडेय, डीपी मौर्या, देवंशु गौड़, विश्वकुमार आदि लोग थे।
केंद्रीय स्तर पर श्रमिक संगठनों के आह्वान पर बुधवार को लोक निर्माण कर्मी हड़ताल पर रहे। लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने बताया कि 16 सूत्री लंबित मांगों को लेकर ंकार्य बहिष्कार किया गया। हड़ताल में क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी कुमार सिंह, मंत्री राजेश कुमार द्विवेदी, प्रमोद सिंह, परशुराम पाल, रमेश यादव आदि शामिल रहे।