साथ ही सोनू फॉर्मा का लाइसेंस निरस्त कर पकड़ी गई प्रतिबंधित दवाएं भी कोतवाली मालखाने में जमा करा दी गई है। दवा व्यापारी पर मुकदमे के बाबत पत्रावलियां तैयार की जा रही है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने घटना की वस्तु स्थिति के बारे में औषधि आयुक्त को सूचना भेजकर मुकदमा चलाए जाने की अनुमति मांगी है। इसके अलावा सोनू फॉर्मा सेल्स से तीन दवाओं के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। जिनकी गुणवत्ता संदिग्ध मानी जा रही है।
सोनू फॉर्मा सेल्स से सोमवार को लाखों रुपये की प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी गई थी। लाख कोशिशों के बावजूद दवा के कारोबारी ने यह नहीं बताया कि ये दवाएं कहां से मंगाई जा रही है और किसे बेचा जाता है।
अंत में ड्रग इंस्पेक्टर ने दवा के कारोबारी मोइन अहमद खान पर कोतवाली में नारकोटिक्स एक्ट और आईपीसी की धारा 411, 419 और 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराने के साथ-साथ जब्त दवाओं को मालखाने में जमा करा दिया।
इसके अलावा सोनू फॉर्मा सेल्स से नोयल फॉर्मा इंडिया कंपनी की नीमोसलाइड और पैरासीटामॉल, एक बगैर लेबिल की बोतल में रखी लाल रंग की दवा और अल्पराजोलॉम की प्रतिस्थानी दवा टोजोलॉम का नमूना सील कर जांच के लिए प्रदेश प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने औषधि आयुक्त के इस बारे में सूचना भेज दवा कारोबारी पर मुकदमा चलाए जाने की अनुमति मानी गई है। इस बारे में औषधि नियंत्रक को भी सूचना भेज दी गई है। इसके अलावा सोनू फॉर्मा का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर यूबी सिंह ने बताया कि बगैर दस्तावेज के प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार करने वाले व्यापारी के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया है।
दवाएं मालखाने में रखवा दी गई है। तीन दवाओं के नमूने सील किए गए हैं। अब मुकदमा चलाने के दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही मुकदमा चलाए जाने की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।