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228 स्कूल बसों ने नहीं कराया फिटनेस टेस्ट, अब इनका पंजीयन होगा निरस्त

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अयोध्या। प्रशासन की लाख चेतावनी के बाद जिले की 228 स्कूल बसों का फिटनेस टेस्ट नहीं कराया गया। परिवहन विभाग अब इन बसों का पंजीयन निरस्त करने की तैयारी में हैं, यह प्रक्रिया गुरुवार (आज) से शुरू कर दी जाएगी।
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जिले में 635 स्कूल बस परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं। एक माह से चलाए जा रहे अभियान में इनमें से 407 बसों का फिटनेस टेस्ट कराया था। दर्जनों बार नोटिस व चेतावनी देने के बाद शेष 228 बसों का फिटनेस टेस्ट कराने के लिए 25 मई तक अंतिम मौका दिया गया था, लेकिन इनमें से किसी का भी फिटनेस टेस्ट नहीं कराया गया।
गाजियाबाद स्कूल बस हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में चल रही सभी स्कूल बसों को फिटनेस टेस्ट कराने के बाद ही सड़क पर चलने का आदेश दिया था।
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इसके बाद परिवहन विभाग अयोध्या द्वारा अभियान चलाया गया था। इसके तहत विभाग द्वारा संबंधित स्कूल व बस मालिकों को तीन से अधिक बार नोटिस भेजा गया, सामूहिक अपील भी की गई।
इसके बाद कार्रवाई भी की गई। इसमें करीब 40 वाहनों को सीज कराया गया, 200 चालान भी किए गए। इस अभियान का असर भी दिखा, जिले में पंजीकृत 635 स्कूल बसों में 407 बसों का फिटनेस टेस्ट कराकर प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया, लेकिन 228 वाहन मालिक व संबंधित स्कूल नहीं चेते।
इसके बाद परिवहन विभाग ने इन वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराने का अंतिम मौका देते 25 मई तक का समय दिया लेकिन इनमें से किसी भी वाहन का फिटनेस टेस्ट नहीं कराया गया।
इसके बाद परिवहन विभाग इन 228 स्कूल बसों का पंजीयन निरस्त करने की तैयारी में हैं। यह प्रक्रिया गुरुवार (आज) से शुरू कर दी जाएगी।
यह है स्कूल बसों के मुख्य मानक
- चालक वर्दी में हो और बस व वैन की उम्र 10 वर्ष से अधिक न हो।
- प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र और रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र हो।
- वैध परमिट हो, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस पांच वर्ष पुराना हो।
- सीएनजी का नो लिकेज का प्रमाण पत्र हो, वाहन का रंग पीला हो।
- रिफलेक्टर टेप लगा हो और इमरजेंसी गेट की व्यवस्था हो।
- नंबर प्लेट साफ दिखाई दे और पायदान की ऊंचाई एक फीट से अधिक न हो।
- खिड़की में ग्रिल व जाली लगी हो, मेडिकल किट होनी जरूरी है।
- अग्निशमन यंत्र हो, प्रेशर हार्न नहीं होना चाहिए।
- बैग रखने की जगह और बोतल रखने के लिए क्लिप हो।
- स्पीड गवर्नर हो, साथ ही जीपीएस सिस्टम लगा होना चाहिए।
- स्कूल बस के पीछे स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा होना चाहिए।
जिले में पंजीकृत 635 स्कूल बसों में से 228 ने अभी तक फिटनेस टेस्ट नहीं कराया है। इनको 25 मई तक अंतिम मौका दिया गया था लेकिन किसी ने भी फिटनेस टेस्ट नहीं कराया। अब इन वाहनों के पंजीयन के निरस्तीकरण की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू कर दी जाएगी। अगर यह बच्चों को स्कूल लाते- ले जाते मिले तो इनके खिलाफ केस दर्ज करार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जुलाई में स्कूल खुलने पर मानक विहीन वाहनों से बच्चों को स्कूल ले जाने वाहनों की भी खबर ली जाएगी। -राजेश प्रताप सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अयोध्या।
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