केंद्र सरकार ने अयोध्या समेत ऋंगवेरपुर और चित्रकूट को मिलाकर रामायण सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए 223.94 करोड़ की योजना स्वीकृत की है। इसमें अयोध्या में 151.12 करोड़ के काम होंगे।
इस धन से घाटों-मंदिरों और पर्यटन स्थलों को आधुनिक बनाते हुए रामकालीन रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह धन रामायण सर्किट के निर्माण के फेेेज-1 की अनुमानित लागत है।
पिछले हफ्ते ही यहां आए केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्सी की रिपोर्ट पर रामायण सर्किट की डिजिटल योजना की स्वीकृति मिली है। डीएम किंजल सिंह ने बताया कि राज्य पर्यटन निदेशालय के उपनिदेशक अनूप कुमार श्रीवास्तव ने इस बाबत पत्र भेजा है। इसमें केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से स्वीकृत कार्यों का ब्योरा है।
रामायण सर्किट के लिए कुल 22े3.94 करोड़ की योजना मंजूर की गई है। इसमें अयोध्या को सर्वाधिक 151.12 करोड़, ऋंगवेरपुर को 17.15 करोड़ व चित्रकूट को 45 करोड़ रुपये मिलेंगे। सर्किट के निर्माण में लक्ष्य है कि जो भी अयोध्या आए वह पुराने राम और रामायण में खो जाए।
सरयू के नया घाट, गुप्तारघाट, झुनकी घाट, हरिश्चंद्र घाट पर चेंज रूम, मॉर्डन टॉयलेट, हाईमास्ट आदि के लिए 60 करोड़ खर्च होगा। इसी तरह राम की पैड़ी पर हाईमास्ट, फुटओवर ब्रिज, सौैंदर्यीकरण के लिए 14.25 करोड़ खर्च होगें। 10 करोड़ में पार्किंग सुविधा विकसित होगी।
ऋंगवेरपुर में संध्या घाट के लिए 8 करोड़, पर्यटक सुविधा केंद्र के लिए 5 करोड़ पार्किंग के लिए 1.4 करोड़ समेत कुल 17.15 करोड़ खर्च होंगे। चित्रकूट को 45 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसमें 15 करोड़ में रामायण गैलरी, 10 करोड़ में फुड ओवरब्रिज समेत 8 करोड़ में कवर्ड परिक्रमा मार्ग शामिल है।