रीडगंज ओवरब्रिज का निर्माण तो फाइनल टच की ओर है लेकिन सर्विस रोड नहीं होने के कारण आस-पास की दर्जनभर मोहल्लों के 25 हजार से अधिक बाशिंदों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। चिंता इस बात की है कि ओवरब्रिज का उद्घाटन होने के बाद सेतु निगम सामान समेट सकता है, ऐसे में सर्विस रोड न बना तो आवागमन का क्या होगा?
हाल यह है कि थोड़ी सी बारिश होते ही ओवरब्रिज के दोनों ओर की खोदी गई पटरियों पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह जलभराव व कीचड़ के कारण गाड़ियां फिसलकर गिर रही हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं। लोगों को सबसे अधिक चिंता स्कूल खुलने पर बच्चों को लेकर है।
आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि ओवरब्रिज निर्माण के लिए सेतु निगम को जब काम की जिम्मेदारी दी गई थी, उसमें सर्विस लेन का निर्माण भी उसी के जिम्मे था। इसके लिए बाकायदा सवा करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई थी।
सवाल यह है कि सर्विस लेन के मद का धन कहां चला गया। 18 जून को पुल के लोकार्पण के समय मंत्री शिवपाल यादव के सामने स्थानीय निवासियों की ओर से सर्विस रोड बनाए जाने की मांग जोर-शोर से उठाने की तैयारी है।
देवकाली-रीडगंज मार्ग पर बन रहे उपरिगामी सेतु को बनने में तकरीबन तीन वर्ष लग गए। इस दौरान इसकी लागत भी तीन गुना बढ़ गई। बावजूद इसके अभी सेतु निगम इस परियोजना को पूर्ण नहीं कर पाया है।
ओवरब्रिज के बजट में सर्विस रोड, लाइटिंग समेत सभी कार्य शामिल थे, मगर समय बढ़ने से लागत बढ़ती गई। अब सर्विस रोड के लिए फूटी कौड़ी नहीं है। जबकि कम से कम एक करोड़ 40 लाख की जरूरत है। इसकी मांग मंत्री जी से हो रही है। हमें उम्मीद है कि शीघ्र ही धन मिल जाएगा। धन मिलते ही सर्विस रोड बनाने का काम शुरू हो जाएगा। -सपी सिंह, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम