फैजाबाद जनपद और मंडल दोनों का नाम होगा अयोध्या, कमिश्नर ने शासन को भेजा प्रस्ताव
फैजाबाद। जिले के साथ ही मंडल का नाम भी अयोध्या के नाम पर हो जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव सोमवार सुबह कमिश्नर मनोज मिश्र ने शासन को भेज दिया है। उम्मीद है कि मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में नाम परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने छोटी दीपावली पर अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव में फैजाबाद जिले का नाम अयोध्या किए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्र आने के बाद जिला प्रशासन ने इस पर कार्रवाई रविवार से शुरू कर दी।
जिलाधिकारी ने नाम बदलने को लेकर विभागों से भी आपत्तियां मांगी थी। कागजी कोरम पूरा करने के बाद जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने नया जनपद अयोध्या होने का प्रस्ताव कमिश्नर को भेज दिया।
सोमवार को कमिश्नर मनोज मिश्र ने जिले के साथ मंडल मुख्यालय का नाम भी अयोध्या किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया। प्रस्ताव के मुताबिक अयोध्या मंडल में अयोध्या, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर और अमेठी कुल पांच जिले शामिल हैं।
कमिश्नर मनोज मिश्र ने बताया कि जिले के साथ मंडल का नाम भी अयोध्या करने का प्रस्ताव राजस्व परिषद समेत शासन को भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार की मुहर लग जाएगी और इसी के साथ जिले व मंडल के नाम से फैजाबाद शब्द इतिहास बन जाएगा।
प्रदेश सरकार से जिले व मंडल का नाम अयोध्या किए जाने साथ ही लगभग 296 साल से चल रहा फैजाबाद का नाम अतीत हो जाएगा। इसके साथ ही फैजाबाद की यादें भी अतीत के फैजाबाद की घटना बनकर रह जाएंगी।
फैजाबाद पहली बार सन 1722 में वजूद में आया था बंगाल के पहले नवाब इस वजूद में लाए थे। इसके बाद दूसरे नवाब ने सैन्य मुख्यालय बनाया तो तीसरे नवाब शुजाउदौला ने लगभग सन 1760 में इसे अवध की राजधानी बनाया था।
लेकिन यह राजधानी का खिताब इसके पास केवल 15 साल रहा। चौथे नवाब आसफुद्दौला ने अवध की राजधानी को फैजाबाद से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था। इस बीच 1765 में फैजाबाद के चौक, आसफ बाग, अंगऊरी बाग आदि का निर्माण कराया था।