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18 लाख मतदाता 46 प्रत्याशियों के भाग्य का करेंगे फैसला

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अयोध्या-रामनगरी का विहंगम दृश्य फाइल फोटो।-संवाद - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। जिले की पांचों विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी हो गई है। पांच सीटों पर कुल 46 प्रत्याशी चुनावी समर में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं तो 1845305 मतदाता इनके भाग्य का फैसला करेंगे। इसी के साथ ही जिले की सियासी तस्वीर भी साफ हो गई है। अभी तक यहां की ज्यादातर सीटों पर आमने-सामने की लड़ाई दिख रही है। फिर भी कुछ सीटें ऐसी हैं जहां मुकाबला दिलचस्प भी है। मतदान की तारीख नजदीक आने व स्टार प्रचारकों की रैलियों एवं सभाओं के बाद मतों के ध्रुवीकरण के साथ लड़ाई कांटे की होने की बात कही जा रही है। सबसे ज्यादा चर्चा अयोध्या व गोसाईगंज विधानसभा को लेकर है। राममंदिर निर्माण के चलते जहां अयोध्या की सीट पर कब्जा जमाने के लिए भाजपा सहित अन्य दलों की निगाहें हैं तो गोसाईगंज सीट पर तीसरी बार दो बाहुबलियों की लड़ाई ने चुनावी परिदृश्य को दिलचस्प बना दिया है।
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विधानसभा अयोध्या- कुल मतदाता-379633
भाजपा के गढ़ में इस बार कड़ी टक्कर
भारतीय जनता पार्टी की गढ़ अयोध्या विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प नजर आ रहा है। पिछले बार की तरह इस बार के चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी वेदप्रकाश गुप्ता व सपा प्रत्याशी तेजनारायण पांडेय आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने यहां से रीता मौर्या को प्रत्याशी बनाया है तो बसपा ने युवा रवि मौर्या को मौका दिया है। अयोध्या में राममंदिर निर्माण के चलते इस सीट पर सभी की निगाहें हैं तो भाजपा के सामने प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती है। पिछले 31 सालों में इस सीट पर केवल दो बार भाजपा को पराजय मिली है। सपा प्रत्याशी तेजनारायण पांडेय भी सरकार के प्रति विभिन्न वर्गों की नाराजगी को भुनाने में लगे हैं। राजनीतिज्ञ विशेषज्ञों की मानें तो यहां सपा व भाजपा की सीधी टक्कर होने जा रही है।
विधानसभा गोसाईगंज- कुल मतदाता-393447
तीसरी बार आमने-सामने हैं दो बाहुबली
गोसाईगंज सीट पर दो बाहुबली तीसरी बार आमने-सामने हैं। दो बाहुबलियों की लड़ाई से यह सीट भी चर्चित हो गई है। सपा ने बाहुबली अभय सिंह को जहां प्रत्याशी बनाया है तो वहीं भाजपा ने विधायक रहे वर्तमान में जेल में बंद इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू की पत्नी आरती तिवारी को मैदान में उतारा है। फर्जी मार्कशीट के मामले में जेल में बंद खब्बू पत्नी के सहारे बाहुबली अभय सिंह से टक्कर ले रहे हैं। पिछले चुनाव की तरह इस बार भी इस सीट पर दोनों में कड़ी टक्कर देखी जा रही है। आरती तिवारी अपनी डेढ़ साल की बच्ची को लेकर चुनाव प्रचार करते हुए अपने सुहाग की भीख मांग रही हैं तो अभय सिंह के समर्थक भी सपा के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। यहां से कांग्रेस व बसपा ने भी प्रत्याशी उतारे हैं लेकिन राजनीति के विशेषज्ञ सपा व भाजपा में सीधी टक्कर बता रहे हैं।
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विधानसभा बीकापुर- कुल मतदाता- 378850
यहां नजर आ रहा त्रिकोणीय संघर्ष
बीकापुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने फिरोज खां उर्फ गब्बर को प्रत्याशी बनाकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। वहीं कांग्रेस छोड़कर हाथी पर सवार हुए सुनील पाठक भी यहां से ताल ठोक रहे हैं। भाजपा ने शोभा सिंह चौहान के पुत्र डॉ. अमित सिंह को प्रत्याशी बनाया है। यहां त्रिकोणीय संघर्ष नजर आ रहा है। गब्बर को प्रत्याशी बनाए जाने से सपा में नाराजगी भी फैली थी। सपा नेता अनूप सिंह ने निर्दल नामांकन कर दिया था, लेकिन फिलहाल उन्होंने नामांकन वापस ले लिया है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि सपा ने फिरोज खां गब्बर को टिकट देकर भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी की है तो बसपा प्रत्याशी सुनील पाठक भी राजनीतिक समीकरण को साधने में जुटे हैं। ऐसे में इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है।
विधानसभा रूदौली- कुल मतदाता-336546
रामचंद्र के तिलिस्म को तोड़ने की चुनौती
रूदौली विधानसभा सीट पर चुनाव दिलचस्प हो गया है। बसपा ने यहां से सपा के बागी अब्बास अली उर्फ रूश्दी मियां को प्रत्याशी बनाकर नया दांव खेला है तो सपा ने भी आनंदसेन को प्रत्याशी बनाकर सभी को चौंका दिया। सपा से टिकट न मिलने से नाराज रूश्दी मियां बागी हो गए और बसपा ने उन्हें टिकट देकर यहां लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है। रूदौली यादव व मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र हैं ऐसे में रूदौली में लगातार दो बार से विधायक भाजपा प्रत्याशी रामचंद्र यादव के तिलिस्म को तोड़ने की चुनौती है। आनंद सेन यादव बिरादरी के नेता माने जाते हैं तो रूश्दी की क्षेत्र के मुस्लिम वोटरों पर अच्छी पकड़ है ऐसे में रामचंद्र यादव को इन दोनों से कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। यहां भी लड़ाई त्रिकोणीय होने की पूरी संभावना है।
विधानसभा मिल्कीपुर-कुल मतदाता-356829
भाजपा व सपा में सीधी टक्कर
मिल्कीपुर विधानसभा सीट में जो चुनावी परिदृश्य दिख रहा है उसके तहत यहां भी भाजपा व सपा में सीधी लड़ाई होने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने यहां गोरखनाथ बाबा पर जहां पुन: भरोसा जताया है तो वहीं सपा ने अपने कद्दावर नेता पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद को एक बार फिर से चुनाव मैदान में उतारा है। यहां दलित वोटों के ध्रुवीकरण पर सभी की निगाहें हैं। कांग्रेस ने भी यहां बृजेश रावत व बसपा ने मीरा को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि राजनीति के विशेषज्ञ भाजपा व सपा की सीधी टक्कर बता रहे हैं। अवधेश प्रसाद की क्षेत्र के दलित वोटरों में खासी पकड़ हैं वे यहां से कई बार विधायक रह चुके हैं। पिछले चुनाव में उन्हें गोरखनाथ बाबा ने ही हराया था। इस बार उनके सामने भाजपा प्रत्याशी को हराकर बदला लेने की चुनौती है तो गोरखनाथ लगातार दूसरी जीत दर्ज करने को लेकर क्षेत्र में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
आप ने पहली बार विधानसभा चुनाव में उतारे प्रत्याशी
आम आदमी पार्टी ने भी इस बार जिले की सभी पांच विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। यह पहला अवसर है जब आम आदमी पार्टी जिले में विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रही है। आप ने अयोध्या से शुभम श्रीवास्तव, गोसाईगंज से आलोक द्विवेदी, रूदौली से मनोज कुमार, मिल्कीपुर से हषवर्धन व बीकापुर से सुनील कुमार को प्रत्याशी बनाया है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार चुनाव को कितना प्रभावित कर पाएंगे यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा।
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