उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और कुंडा डीएसपी मर्डर केस में आरोपी रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया लाइ डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हो गए हैं। राजा भैया का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए सीबीआई ने कोर्ट से मांग की थी।
सीबीआई ने न्यायाधीश जीनत मिर्जा की विशेष सीबीआई कोर्ट में राजा भैया का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की इजाजत के लिए अर्जी दी थी। राजा भैया ने मंगलवार को लखनऊ में विशेष कोर्ट के सामने टेस्ट के लिए मंजूरी दे दी।
पूर्व मंत्री राजा भैया ने कहा की उन्होंने न अपना बयान बदला है और न ही वे किसी बात से डरते हैं। अगर सीबीआई को लगता है यह जरूरी है तो मैंने अपनी मंजूरी दे दी है।
सीबीआई ने पिछले माह राजा भैया से 20 घंटे पूछताछ की थी। इसके बाद ही सीबीआई की ओर से यह मांग की गई है।
सीबीआई को पूर्व मंत्री के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका है, इसलिए इस मामले में दायर चार्जशीट में भी उनका नाम नहीं दिया गया था। लाइ डिटेक्टर टेस्ट के जरिए सबूत जुटाने की कोशिश की जाएगी।
राजा भैया पर प्रतापगढ़ जिले में कुंडा तहसील क्षेत्र के बलीपुर गांव में गत दो मार्च को हुए डीएसपी जिया-उल हक हत्याकांड में साजिश रचने का आरोप है।
जिया-अल-हक की विधवा परवीन आजाद ने अपने पति की हत्या में राजा भैया के शामिल होने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के बाद राजा भैया को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।