इटावा। विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ का इटावा का दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके इस दौरे को भाजपा के टिकट वितरण से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
इटावा आकर जहां उन्होंने जनता की नब्ज टटोली, वहीं भाजपा के जनप्रतिनिधियों का फीड बैक भी लिया। विकास योजनाओं के माध्यम से जनता को सौगात दी, वहीं आने वाले समय में अन्य विकास प्रस्ताव भी स्वीकृत करने का लोक लुभावन वादा किया।
सीएम के करीब 20 मिनट के भाषण में आधा समय उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाई। वहीं आधा समय समाजवादी पार्टी के ऊपर हमलावर रहे।
जिस तरीके से उन्होंने सपा को सीधे निशाने पर लिया उससे साफ संकेत मिलते हैं, कि वे सपा को उसके ही गढ़ में फिर से बड़ी चुनौती की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के भाषण की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने कांग्रेस और बसपा का नाम भी नहीं लिया।
इटावा चूंकि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और पूर्व सीएम अखिलेेेश यादव का गृहजनपद है, इसलिए साफ है कि अगले राजनीतिक दंगल में भाजपा को सपा से ही सीधे चुनौती मिलेगी।
इटावा जिले की तीन विधानसभा सीटों में वर्ष 2017 में भाजपा को दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी। एक मात्र सीट जसवंतनगर से शिवपाल सिंह यादव विधायक हैं, जो अब प्रसपा में हैं।
भाजपा में इटावा से सरिता भदौरिया और भरथना सुरक्षित सीट से सावित्री कठेरिया विधायक हैं। इस बार भाजपा इन दो सीटों पर पूरा दम लगाएगी। वहीं सपा भी अपने गढ़ में खुद को मजबूत करने की कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
सपा पर पूरी तरह से हमलावर रहे योगी आदित्यनाथ प्रदर्शनी पंडाल और उसके बाहर उमड़ी भीड़ से काफी संतुष्ट नजर आए। भाजपा सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया, विधायक सरिता भदौरिया, विधायक सावित्री कठेरिया और भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत से उन्होंने जिले के विकास को लेकर चर्चा की।
विधायक और सांसद से विकास प्रस्तावों पर विचार करने का आश्वासन दिया। सीएम योगी सपा के गढ़ में दौरे करके आने वाले चुनाव का होमवर्क पूरा कर रहे हैं। भाजपा सरकार में आने वाले दो तीन महीनों में इस दौरे का असर देखने को मिलेगा।