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सैकड़ों बाइकों संग कर्मियों ने भरी हुंकार

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इटावा। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पेंशनर्स के अधिकार मंच ने मंगलवार को सैकड़ों बाइकों संग रैली निकालकर सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन किया। हजारों शिक्षक एवं कर्मचारियों ने सैकड़ों बाइकों और स्कूटी संग रैली में हिस्सेदारी की।
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रैली में भारी भीड़ के चलते शास्त्री चौराहे जैसे कई अन्य मुख्य चौराहों पर यातायात ठप हो गया। चौराहों पर लगे जाम से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
रैली के समापन पर जिलाध्यक्ष विनोद यादव ने कहा कि सरकार के साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में कर्मचारी व शिक्षकों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदेश के लाखों कर्मचारी व शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं।
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45000 वेतन पाने वाले शिक्षामित्रों को दस हजार रुपये पर लाकर भुखमरी के कगार पर खड़ा कर दिया गया है। अनुदेशकों का मानदेय 17000 से घटाकर आज 7000 कर दिया गया है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के 2000 से अधिक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया।
बेसिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के एक लाख से अधिक पद समाप्त कर दिए गए। कहा कि ऑनलाइन कार्य के नाम पर शिक्षकों का शोषण बंद किया जाए और शिक्षामित्र, अनुदेशक विशेष शिक्षक, रसोइया, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ता एवं आउट सोर्सिंग कर्मियों को स्थायी किया जाए।
मंच के जिला संयोजक राजेश मिश्रा ने कहा कि सरकार कर्मियों और शिक्षकों का 18 महीने के महंगाई भत्ते का लगभग 16000 करोड़ रुपये डकार गई। हम लोगों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। अगर हमारी मांगें पूरी न हुई तो संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।
मंच के जिला महासचिव अरविंद शर्मा ने कहा कि कलक्ट्रेट कर्मियों की वर्षों से पदोन्नति नहीं हो रही और न ही ग्रेड बढ़ाने का शासनादेश निर्गत किया गया। मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृपा शंकर यादव ने कहा कि सांसद और विधायक एक साथ कई पेंशन ले रहे, जबकि शिक्षक-कर्मचारी एवं अधिकारियों को 2005 से पेंशन बंद कर दी गई, जो हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है।
मंच के सह संयोजक राजीव यादव ने कहा कि जब तक नगर पालिका के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थायी नहीं किया जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेश शर्मा ने कहा कि संगठन के संघर्ष के बल पर हमने जो आज तक प्राप्त किया, सरकार वह अधिकार भी छीनने का काम कर रही है।
इन परिस्थितियों में अब आंदोलन बहुत जरूरी है। मंच के उपाध्यक्ष अरविंद धनगर ने कहा कि अगर सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों पर विचार नहीं किया तो 28 अक्तूबर को जनपद मुख्यालय में बड़ा धरना दिया जाएगा।
रैली को गुरु प्रसाद चौधरी, उमा शंकर गुप्ता, प्रदीप सक्सेना, पवन श्रीवास्तव, ओमकार यादव, उपेंद्र वर्मा, प्रशांत पोरवाल, पूरन सिंह ने भी संबोधित किया।
रैली में बृजेश यादव, उपेंद्र त्रिपाठी, मुकेश यादव, शिवमंगल सिंह, वीरेंद्र सिंह, रामेंद्र कुमार, मंजू भदौरिया, राजदा खातून, ममता वर्मा, जोली शाक्य, शिवा गुप्ता, रजनी तालियान, राधा यादव, शमामा अंजुम, शशिप्रभा आदि मौजूद थे।
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