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बुखार से महिला की मौत, कई बीमार

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इटावा/सैफई। जिले में बुखार से मरने वालों का सिलसिला नहीं थम रहा है। सोमवार को जसवंत नगर क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि रविवार को शहर के एसडी फील्ड में 12 साल की लड़की और भरथना में एक युवक की मौत हो गई थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन मौतों का बुखार से होना नहीं मान रहे हैं।
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जसवंतनगर तहसील क्षेत्र के नगला नरिया गांव निवासी हाकिम सिंह की पत्नी गंगा देवी (70) शुक्रवार की शाम मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र के नगला अलाई गांव अपने मायके गई थीं।
वहां उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार होने पर परिजनों ने फौरन करहल के निजी अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने उन्हें दवा दी। दवा खाने के बाद भी गंगा देवी की हालत नहीं सुधरी और सोमवार की सुबह तेज बुखार से उनकी मौत हो गई।
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दोपहर में गंगा देवी का शव घर पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया। रिश्तेदारों ने दुखी परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराया। बताया गया कि नगला नरिया गांव में बुखार से यह चौथी मौत है।
कई लोग अभी से बुखार से पीड़ित हैं। उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने अब तक गांव में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया है। न ही एंटी लार्वा का छिड़काव ही कराया है।
बुखार से शहर के एसडी फील्ड मोहल्ला निवासी अधिवक्ता प्रदीप कुमार पोरवाल की नातिन आर्या (12) की रविवार को कानपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी, जबकि पुराना भरथना निवासी वेदप्रकाश के बेेटे टिल्लू सविता की भी भी मौत हुई थी।
दोनों के परिजनों ने बुखार से मौत होने की बात कही थी। उधर, जिले में वायरल बुखार व डेंगू प्रकोप थमा नहीं है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 1045 मरीज पहुंचे। इनमें 198 मरीज बुखार के मरीज शामिल रहे।
इनमें 62 रोगियों की डेंगू की रैपिड जांच की गई। 46 रोगियों के ब्लड सैंपल एलाइजा जांच के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजे गए। वहीं, सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी कि ओपीडी में सोमवार को बुखार के 60 मरीज देखे गए।
डेंगू के 10 नए मरीज को भर्ती किए गए। इनमें इटावा जिले के भी डेंगू मरीज शामिल हैं। मलेरिया व जीका वायरस का एक भी मरीज अभी तक सामने नहीं आया है।
मलेरिया विभाग को नहीं मिले बीमारी के कागज
इटावा। एसडी फील्ड में बुखार से रविवार को जिस बालिका की मृत्यु हुई थी। इस संबंध में सोमवार को सीएमओ ने मलेरिया विभाग की टीम को बालिका के घर भेजा।
मलेरिया अधिकारी नीरज दुबे व मलेरिया इंस्पेक्टर आशीष राना पहुंचे और परिजनों से बातचीत की, लेकिन परिजनों ने बीमारी संबंधित कोई कागज नहीं दिया। मलेरिया विभाग ने घर के आसपास एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया है।
इस बाबत डिप्टी एसीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि बालिका को बुखार आने पर उसे पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन प्लेटलेट्स कम होने व गैस बनने की शिकायत होने पर सैफई ले जाया गया।
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बाद में कानपुर के रीजेंसी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 14 नवंबर को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
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