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डेंगू संग वायरल बुखार...फिर भी हालात जस के तस

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इटावा। डेंगू संग वायरल बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है, संक्रामक बीमारियों ने कितनी गहराई तक पैर पसार रखे हैं।
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जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बनाए जरूर गए हैं, लेकिन ज्यादातर बेड खाली हैं। जैसे-जैसे संक्रामक बीमारियों का असर बढ़ रहा है, सरकारी चिकित्सा सुविधाओं की बदहाली खुलकर सामने आ रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज पंजीकरण करवा रहे हैं। इनमें आधे से अधिक मरीज वायरल बुखार के होते हैं। करीब आधा सैकड़ा मरीजों की रैपिड कार्ड से जांच के बाद डेंगू के लक्षण निकल रहे, जबकि डेंगू की कंफर्म जांच के लिए सैंपल सैफई भेजा जाता है।
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जिला अस्पताल में मंत्री, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के दौरे के बाद जितना सुधार होना था, उतना नजर ही नहीं आ रहा है। कुछ बेडों में मच्छरदानी लगी हैं, तो कुछ में वह भी नजर नहीं आ रही है।
इन्हीं अव्यवस्थाओं के चलते सांसद डा. रामशंकर कठेरिया ने शनिवार को जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड पहुंचकर हाल देखा और मरीजों से बात भी की। एक ओर साफ सफाई पर प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक जोर दे रहे हैं, लेकिन खुद अस्पताल में साफ सफाई का अभाव नजर आ रहा है।
सांसद को निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदगी दिखने पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन की जमकर क्लास ली, लेकिन दूसरे दिन भी हालात में कोई सुधार नजर नहीं आते दिखे।
हालांकि, जिला अस्पताल का आयुक्त व नोडल अधिकारी डा. राजशेखर, केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा, सदर विधायक सरिता भदौरिया तक डेंगू वार्ड का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन फिर भी सुधार न आना बड़ा सवाल करता है।
सांसद ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का कार्य संतोषजनक न होने का उल्लेख किया है।
जिले में बुखार के 425 मरीज आए
डिप्टी सीएमओ डा. अवधेश यादव के अनुसार, जनपद में शनिवार को जिले में बुखार के 425 मरीज आए। इनमें से 146 की जांच हुई। रैपिड कार्ड की जांच में 38 पॉजिटिव मिले, जबकि एलाइजा जांच में डेंगू के सात मरीज पॉजिटिव मिले। कुल मिलाकर जांच के लिए 32 सैंपल भेजे गए। जिले में 126 बुखार के मरीज भर्ती हैं, इनमें से 43 डिस्चार्ज हुए।
सैफई मेें बुखार के 15 व डेंगू के 14 मरीज
सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डा. आदेश कुमार ने बताया की रविवार को आकस्मिक विभाग में बुखार के 15 मरीज आए। डेंगू के 14 मरीज भर्ती हुए, चार मरीजों को छुट्टी दे दी गई।
इस समय डेंगू वार्ड में 54 मरीज भर्ती हैं। 24 मरीज इटावा के हैं, इनके अलावा औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी समेत अन्य जनपदों के हैं। मेडिकल यूनिवर्सिटी में मलेरिया ग्रसित कोई मरीज नहीं है।
यूनिवर्सिटी गेट पर गंदगी, भड़के किसान नेता
सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय रविवार की दोपहर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजीव किसान ने मुख्य गेट पर गंदगी को देखकर नाराजगी जताई।
कहा कि वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ा हुआ है, डेंगू भी मच्छर के काटने से फैलता है, लेकिन यहां गंदगी इतनी है कि यहां मच्छरों के पनपने से मरीज और तीमारदार दोनों परेशान हैं। किसान नेता ने तीमारदारों से उनके मरीजों के बारे में जानकारी ली, किसी ने मिलने वाली सुविधाओं पर तो किसी ने अव्यवस्था के बारे में बताया।
कुछ ने दबी जुबान से बाहर से दवा लेने की बात कही। संजीव ने बताया कि कोविड के दौरान से लगातार मेडिकल यूनिवर्सिटी की शिकायतें तीमारदार और मरीजों द्वारा की जा रही थी। इस पर वह अपनी टीम लेकर हकीकत पर रखने के लिए पहुंचे तो गेट नंबर तीन पर ही गंदगी के ढेर लगे दिखाई पड़े।
काफी संख्या में मच्छर देखे गए। आरोप लगाया कि पहले के कुलपति ने भी मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोई व्यवस्था नहीं की थी। नए कार्यवाहक कुलपति से आस थी कि समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है।
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मध्य प्रदेश से भी इलाज कराने आते हैं मरीज
यूनियन के जिलाध्यक्ष संजीव किसान ने कहा कि सैफई में ग्रामीण क्षेत्र की इकलौती मेडिकल यूनिवर्सिटी है, जहां कानपुर व आगरा मंडल के अलावा मध्य प्रदेश के कई जिलों के मरीज उपचार कराने के लिए आते हैं।
कहा कि कोविड के दौरान यहां ऑक्सीजन की किल्लत से काफी लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। अब डेंगू जैसी बीमारी फैली हुई है। मेडिकल यूनिवर्सिटी में चौथी मंजिल पर वार्ड फुल होने के बाद गलियों में बेड डाले गए हैं।
एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इससे मेडिकल यूनिवर्सिटी की पोल खुली हुई नजर आ रही है। कहा कि मेडिकल प्रशासन गंदगी व मरीजों का सही उपचार नहीं करने पर किसान यूनियन के पदाधिकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी के बाहर आंदोलन कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
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इस दौरान भारतीय किसान यूनियन जिला संरक्षक चौधरी सुरेंद्र सिंह, सैफई तहसील अध्यक्ष जनवेद सिंह समेत अन्य किसान नेता उपस्थित रहे।
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