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इटावा: दो अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरफ्तार, बिहार में बनी तीन पिस्टल, आठ तमंचे व 23 कारतूस बरामद

Sun, 08 Aug 2021 07:29 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

पकड़े गए दो लोग टेंपो से उतर कर फार्म की तरफ जा रहे थे। जो पुलिस टीम को देखकर भागने लगे। उन्हें घेराबंदी करके पकड़ लिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इटावा जिले में कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम ने शनिवार देर रात टेंपो से उतरे दो अंतरराज्यीय असलहा तस्करों को 22 ख्वाजा रोड स्थित भदावरी भैंस संवर्धन फार्म के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि दोनों तस्करों के पास मौजूद बैग से बिहार में बनी तीन पिस्टल, आठ तमंचे व 23 कारतूस बरामद हुए।
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पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस लाइन स्थित सभागार में रविवार शाम को एसपी सिटी प्रशांत कुमार ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि शनिवार देर रात कोतवाली पुलिस व एसओजी ने सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की।

पकड़े गए दो लोग टेंपो से उतर कर फार्म की तरफ जा रहे थे। जो पुलिस टीम को देखकर भागने लगे। उन्हें घेराबंदी करके पकड़ लिया गया। उन्होंने पूछताछ में अपने नाम थाना चौबिया के नगला पीते गंगापुर गांव निवासी सिनोद व सैफई के मदैयापुर परासना गांव निवासी राघवेंद्र उर्फ भीम बताया।
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दोनों के पास मौजूद बैग से बिहार की 32 बोर की तीन पिस्टल समेत 315 बोर के पांच तमंचे, 12 बोर के दो तमंचे, एक 7.65 एमएम का दोनाली तमंचा, 12 बोर के आठ कारतूस, 315 बोर के आठ कारतूस व 32 बोर के सात कारतूस बरामद हुए। उन्होंने बताया कि वह लोग असलहों का निर्माण कर उनकी ब्रिकी का काम करते हैं। पकड़े गए युवकों को रविवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी ने वार्कआउट करने वाली टीम को 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की। 
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22 हजार में पिस्टल व पांच हजार में तमंचा
एसपी सिटी ने बताया कि दोनों आरोपी अंतरराज्यीय असलहा तस्कर है। यह लोग मध्य प्रदेश, बिहार व यूपी के कई जिलों में असलहों की तस्करी करते हैं। 22 हजार में पिस्टल व करीब पांच हजार रुपये में तमंचा बेचते थे। असलहों की सप्लाई करने पर इनको अच्छा मुनाफा होता था। यह लोग मध्यप्रदेश, बिहार व यूपी के कई जिलों में 100 से अधिक असलहों की सप्लाई कर चुके हैं। हालांकि यह लोग असलहे कहां से ला रहे थे इसकी जानकारी पुलिस नहीं दे सकी। 

जेल में बंद व्यक्ति से सीखा तौर-तरीका
पुलिस पूछताछ में सिनोद ने बताया कि करीब चार साल पहले उसे मैनपुरी के किशनी थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में जेल भेजा था। जेल में उसका संपर्क एक व्यक्ति से हुआ था। उसने असलहा खरीदने व बेचने का तौर तरीका उसे सिखाया।

जेल से बाहर आने के बाद उसने साथी राघवेंद्र को भी धंधे में शामिल कर लिया था। दोनों असलहों की तस्करी कर मोटी कमाई कर रहे थे। एसपी सिटी ने बताया कि जिस व्यक्ति की बात दोनों तस्कर कर रहे हैं, उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस तीनों की कुंडली खंगाले का प्रयास कर रही है। जल्द ही वह व्यक्ति भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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