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टैक्स दर में बढ़ोतरी के विरोध में उतरे व्यापारी

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इटावा। जनपद ईंट निर्माता समिति ने भट्ठों में निर्मित लाल ईंटों पर कर की दर में वृद्धि करने के विरोध में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
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ईंट-भट्ठा व्यापारी नुमाइश चौराहा स्थित जिला कार्यालय पर एकत्र हुए, जहां से अपने हाथों में तख्तियां लेकर कर वृद्धि को वापस लो जैसे नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे।
समिति के अध्यक्ष कुमुदेश चंद्र यादव एवं महामंत्री सुरेश कुमार अरोड़ा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक में भट्ठों में निर्मित लाल ईंटों की दर में बिना आईटीसी क्लेम किए एक प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत तथा आईटीसी क्लेम करने पर कर दर पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव एक अप्रैल 2022 से लागू हो जाएगा।
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भट्ठे की ईंटों पर दो प्रकार के अव्यावहारिक एवं अनुचित कर दर वृद्धि प्रस्ताव औचित्यहीन है। कहा कि ईंट-भट्ठा एक ग्रामीण कुटीर सीजनल प्रकृति का उद्योग है। विगत दो वर्ष से कोरोना महामारी से जहां एक ओर ईंट व्यवसाय पूरी तरह चौपट और घाटे में है।
वहीं दूसरी ओर जनसाधारण का भी कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने के कारण वित्तीय स्थिति खराब है। ऐसे हालात में जनसाधारण के निर्माण की मूलभूत जरूरत ईंटों पर कर दर बढ़ाने का प्रस्ताव जनविरोधी है।
कहा कि मैन्युफैक्चरर्स सेक्टर के 40 लाख तक सालाना टर्नओवर व्यवसाय जीएसटी में कर मुक्त है, जबकि काउंसिल की 45वीं बैठक में ईंट निर्माताओं के लिए 20 लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक करमुक्त का प्रस्ताव किया गया, जो ईंट-भट्ठा व्यापारियों के साथ घोर अन्याय है।
ईंटों पर इस प्रकार बिना सोच-विचार के अनुचित, अव्यावहारिक एवं मनमानी कर दर वृद्धि प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए आगामी दो सीजन वर्ष के लिए ईंट बिक्री को जीएसटी में कर मुक्त घोषित किया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में श्रीकृष्ण यादव, राकेश कुमार जैन, सूरजभान सिंह, हरीशंकर राजपूत, अरुण कुमार उपाध्याय, कौशल राजपूत, हरिश्चंद्र त्रिपाठी, विनय कुमार गुप्ता, यदुनाथ सिंह, हरीओम महेश्वरी, पंकज शुक्ला, अनिल कुमार जैन, वीरेंद्र सिंह, चंदन सिंह, हरिश्चंद्र वर्मा आदि सैकड़ों भट्ठा व्यवसायी मौजूद रहे।
पीएम आवास योजना पर पड़ेगा असर
ईंट-भट्ठा व्यवसाय पर करों में इतनी बड़ी वृद्धि करने से गरीबों के लिए ईंटों का खरीदना महंगा हो जाएगा।
जिसका सीधा असर जन सामान्य को आवास सुलभ कराने की प्रधानमंत्री आवास योजना में आपका सपना, सन् 2022 में सभी का घर हो अपना पर पड़ेगा, क्योंकि ईंटों की लागत में वृद्धि होने से अपना घर का सपना सपना ही रह जाएगा।
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