इटावा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेंद्र कुमार ने जालसाजी के मामले में साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। उसे तीन साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन अधिकारी योगेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि ऊसराहार निवासी आढ़ती सतीश चंद्र की सतीश चंद्र-अनिल कुमार के नाम से फर्म है। 13 सितंबर 2007 को एक व्यक्ति उसकी दुकान पर आया और बताया कि अभिषेक ट्रेड़िग कंपनी राया मथुरा से आया है। उसे 62 क्विंटल लहसुन चाहिए। सौदा तय होने पर सतीश ने उसे लहसुन दे दिया। जिसकी कीमत एक लाख 78 हजार रुपये थी।
लहसुन लेने के बाद खरीदार ने सतीश को 90 हजार व 95 हजार रुपये के दो ड्राफ्ट दे दिए। इस पर सतीश ने उसे बाकी के रुपये उसे लौटा दिए। जब बैंक में ड्राफ्ट लगाए तो वह फर्जी निकले। इस पर सतीश ने पुलिस को सूचना दी।
खोजबीन के दौरान कुछ लहसुन अलीगढ़ से बरामद किया गया। राया स्थित फर्म से जानकारी की गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। इस पर सतीश ने ऊसराहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई । रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन की। इस दौरान गनेश कुमार उर्फ पप्पू चौरसिया निवासी घाऊखेरा थाना चकेरी कानपुर का नाम फर्जी ड्राफ्ट देने वाले के रूप में आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने विवेचना के बाद साक्ष्य संकलित किए और मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट में दाखिल कर दिए। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेंद्र कुमार ने की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने गनेश कुमार को दोषी पाते हुए उसे तीन साल की सजा सुनाई।