इटावा। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट पारुल श्रीवास्तव ने गैंगस्टर के दो मामलों में साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। तीनों को दो-दो साल की सजा और आठ आठ हजार रुपये का जुर्माने से दंडित किया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि सैफई के तत्कालीन थानाध्यक्ष ईश्वर सिंह ने क्षेत्र के मनोज कुमार उर्फ मंजू उर्फ पंकज निवासी पिडारी थाना सैफई व सर्वेश यादव पुत्र श्याम सिंह निवासी पाली कला थाना भरथना के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।
उन पर आरोप था कि वह दिल्ली के अलावा अन्य स्थानों से कारों को किराए पर लेकर रास्ते में चालक को मारपीट कर उसके पास से कार लूट लेते थे। मनोज का एक संगठित गिरोह है। 18 दिसंबर 2011 को उसने अपने साथियों के दिल्ली से कार बंक की और चालक को मारपीट कर फेंक दिया तथा कार लूट ले गए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद 30 दिसंबर को कार बरामद कर ली थी। गैंगस्टर की कार्रवाई होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए। अपर शासकीय अधिवक्ता कृष्ण सहाय शुक्ला ने कोर्ट में उनके खिलाफ साक्ष्य पेश किए।
जसवंतनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार ने कस्बा के मोहल्ला फक्कड़पुरा निवासी सुनील कुमार पुत्र नेत्रपाल यादव के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। उस पर आरोप थे कि वह गैंग बनाकर लूट राहजनी आदि की वारदातों को अंजाम देता है। उसके डर के कारण कोई उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करता। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने सुनील कुमार को दोषी मानते हुए उसे भी दो साल की सजा व आठ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।