इटावा। कटरा शराब स्थित दरगाह वारसी में चार रोजा उर्स का शनिवार को सुबह समापन हो गया। भोर में कुल का फातिहा हुआ। इसमें हजारों लोगों ने शिरकत की। इसके बाद हजरत इमाम हुसैन की याद में मजलिस की गई। मजलिस में कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत पर रोशनी डाली गई। फजिर की नमाज के बाद दुआ की गई। इसमें इमाम ने परेशान हालों की परेशानी दूर करने, बीमारों को शिफा देने, इम्तहान दे रहे छात्र-छात्राओं के कामयाब होने, बेरोजगारों को रोजगार देने, देश से फिरकापरस्ती दूर करने, मुल्क में अमन चैन कायम रहने की दुआ की गई। देश के कोने-कोने से आए हजारों अकीदतमंदों ने रो-रो कर दुआएं मांगीं। दरगाह हजरत अबुल हसन शाह वारसी में सुबह चार बजे हाजी हाफिज सैय्यद वारिस अली शाह का उर्स हुआ। कव्वालों ने कलाम पेश किए। दरगाह वारसी के सदर हाजी अहमद अली वारसी, सचिव हसनैन वारिस वारसी आदि ने कव्वालों को नजराना दिया। कव्वालों ने यह कलाम, मैं जश्न मनाऊंगी मोरे वारिस घर आए, मैं तो छम-छम नाचू मोरे वारिस घर आए, पेश किया। फातिहा में शरीक होने के लिए रात में ही अकीदतमंद आ गए थे। दरगाह शरीफ की सजावट लोगों को अपनी ओर खींच रही थी।