इटावा। फिशर वन फॉरेस्ट की संरक्षित वन भूमि में बनी मजार पर सोमवार को स्वामित्व को लेकर प्राधिकृत अधिकारी वन विभाग कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें वन विभाग कोर्ट ने पक्षकारों को भूमि संबंधी अभिलेख व कागजात प्रस्तुत करने के लिए 28 मार्च को अंतिम मौका दिया है। इसके बाद कोर्ट अपना निर्णय देगी।
सोमवार को वन न्यायालय कोर्ट फिशर वन फॉरेस्ट की संरक्षित वन भूमि में बनी मजार की सुनवाई हुई। सुनवाई में देखरेख करने वाले फजले इलाही और उनके अधिवक्ता वन विभाग के कोर्ट में नहीं पहुंचे। दूसरे पक्षकार गुलशेर अहमद अपने अधिवक्ता शेखर सक्सेना एवं अनुज तिवारी के साथ पहुंचे। अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि वह इस केस से कुछ दिन पहले ही जुड़े हैं इसलिए उन्हें कागजात देखने के लिए समय दिया जाए। डीएफओ विकास नायक ने उन्हें अपना पक्ष और उससे जुड़े प्रपत्र देने के लिए 28 मार्च तक समय दिया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हें मौका नहीं दिया जाएगा। इसके बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।