ताखा (इटावा)। तहसील में सिपाही की मौत गुत्थी बनकर रह गई है। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। कमरे से बीस मीटर दूर दूसरे कमरे में रह रहे सिपाही के कमरे के दरवाजे पर खून के निशान मिले हैं। साथ ही मृतक सिपाही के कमरे से कुछ ही दूरी पर एक बीम पर खून के निशान और उसका पैंट पड़ा मिला।
मंगलवार को ताखा तहसील की सुरक्षा में तैनात हैड कांस्टेबल प्रेम कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गोली लगने से मौत होने की बात कही गई।
तहसील मुख्यालय के तीसरी मंजिल पर दो अलग-अलग हाल में दो पुलिस कर्मी रह रहे थे। जिसमें पश्चिमी हाल में हेड कांस्टेबल प्रेम प्रकाश रहते थे। पूर्वी हाल में कांस्टेबल शफीक अहमद रह रहे थे।
दोनों हालों के बीच की दूरी करीब बीस मीटर है। जहां पर प्रेम प्रकाश का शव पड़ा मिला वहां से सीढ़ियों की बीम के पास उनका पैंट और बीम पर खून का धब्बा मिला। कांस्टेबल शफीक अहमद के कमरे के गेट पर भी खून लगा मिला।
यही नहीं शफीक अहमद को गोली की आवाज नहीं सुनाई दी। सवाल यह खड़ा हो रहा है कि तहसील की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस कर्मी को यह नहीं पता कि तहसील परिसर में क्या हो रहा है? वहीं प्रथम तल कार्यालय की दीवार पर लगा फायर सिलिंडर जमीन पर रखा मिला।
इस मामले में एसपी देहात सत्यपाल सिंह का कहना है कि मृतक ने बीम के पास खड़े होकर अपने हाथ की नस काटी है, जिस कारण बीम पर खून के निशान मिले हैं। उस जगह फर्श पर मृतक के पैरों के निशान भी मिले हैं।
उन्होंने बताया कि माना जा रहा है कि वह हाथ की नस काटने के बाद पूरे फ्लोर पर घूूमा है और उसने कई जगहों पर दीवारों पर हाथ लगाए हैं। इस कारण कई जगहों पर खून के निशान मिले हैं। हाथ काटने के बाद सिपाही ने कमरे में जाकर गोली मारकर आत्महत्या की।
तहसील भवन में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू होते तो मामले की जांच में पुलिस को बहुत मदद मिलती। तहसील के सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। बीते वर्ष मई में जिला पंचायत के चुनाव के समय कैमरे चालू किए गए थे। चुनाव के बाद कैमरे फिर से बंद कर दिए गए।