ताखा (इटावा)। निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए गहरे किए गए बंबे में डूबने से किशोर की मौत हो गई। निर्माण में लगे कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने शव रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया और जेसीबी में तोड़फोड़ कर दी। करीब तीन घंटे बाद पहुंचे एसडीएम और एसपी देहात ने समझाकर ग्रामीणों को सड़क से हटाया। तेज धूप में जाम में फंसे वाहन सवार बेहाल हो गए।
ताखा गांव निवासी संजय कठेरिया उर्फ संजू का पुत्र शिवा (14) दोस्तों के साथ सुबह बकरियां चराने गया था। निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास मिट्टी के ऊंचे टीले पर फिसलने से नहर में जा गिरा। दोस्तों ने गांव जाकर परिजनों को सूचना दी। परिजन और सैकड़ों ग्रामीण नहर पर पहुंच गए। किशोर को नहर से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
एक्सप्रेसवे निर्माण में लगे कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने भरतिया शव रखकर चौराहा बरौना मार्ग पर मार्ग जाम लगाने के साथ क्रेन में तोड़फोड़ कर दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम कौशल कुमार और एसपी देहात सत्यपाल सिंह ने समझाकर ग्रामीणों को शांत कराया। आर्थिक मदद के आश्वासन का आश्वासन देकर जाम खुलवाया
कार्यदायी संस्था पर लापरवाही का आरोप
लोगों का कहना था कि गांव से निकलने का यही एक रास्ता है। एक्सप्रेसवे वालों ने रास्ता बंद कर दिया। करीब तीन किलोमीटर घूमकर गांव जाना पड़ता है। कुछ लोगों ने कहा कि डायवर्जन के लिए बंबा की गहराई बीस फीट कर दी है। बंबे के पास बैरीकेडिंग भी नहीं लगाई गई है।
फोटो संख्या 32- घटनास्थल पर बैरीकेडिंग लगवाते एसपी देहात और एसडीएम ताखा। संवाद
बैरीकेडिंग लगा बंद किया गया रास्ता
किशोर की मौत के बाद सूचना पर पहुंचे एसपी और एसडीएम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बैरीकेडिंग लगा कर रास्ता बंद कर दिया।