इटावा। महेवा के एक निजी अस्पताल में बीमार किशोर की मौत के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। कस्बे के निजी अस्पतालों और पैथॉलोजी की जांच के लिए सीएमओ ने टीम बना दी है।
एक निजी अस्पताल में शनिवार को 17 वर्षीया किशोरी की मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल में अप्रशिक्षित स्टाफ होने का आरोप लगाकर हंगामा किया था। अस्पताल के कर्मचारी शव छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया । कस्बे में चार निजी अस्पताल और तीन पैथॉलोजी लैब संचालित हैं। अहेरीपुर, निवाड़ी, उरेंग, बकेवर, लखना, लुधियानी में बड़ी संख्या में निजी अस्पताल व लैब हैं। ज्यादातर में स्टाफ अप्रशिक्षित है।
सीएमओ डॉ. भगवान दास भिरोरिया ने बताया किशोरी की मौत के मामले में परिजनों की ओर से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। फिर भी जांच के लिए टीम बना दी गई है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र के सभी अस्पतालों व पैथॉलोजी लैबों की जांच भी कराई जाएगी।