इटावा। डेंगू के बाद जीका की दस्तक से लोग चिंतित हैं। जीका के लक्षण भी डेंगू से मिलते जुलते ही हैं, लेकिन जीका की पहचान शरीर में चकत्ते उभरना हैं।
जीका से लोग कैसे बचें के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए पंफलेटों का वितरण सोमवार से जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाएगा। इस बारे में सीएमओ डॉ. भगवान दास ने जीका के लक्षणों के बारे में बताया कि इसमें मरीज को बुखार होने के अलावा सिरदर्द भी होता है।
जोड़ों में दर्द व सूजन भी होती हैं, आंखें भी लाल हो जाती हैं। बताया कि जीका फैलाने वाला मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। लिहाजा घर में या आसपास पानी को जमा न होने दें।
पानी से भरे बर्तनों व टंकियों को ढंककर रखें। कूलर को खाली रखें। जीका मच्छर दिन में काटता है, ऐसे कपड़े पहनें जो बदन को पूरी तरह ढंके। बताया कि सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
सीएमओ ने बताया कि बुखार आने पर नजदीक के राजकीय चिकित्सालय पर नि:शुल्क जांच एवं उपचार कराएं। घर में यदि बुखार का रोगी को मच्छरदानी के बिना न रहने दें। ऐसे कमरे में रखें, जिसके खिड़की तथा दरवाजों में जालियां लगी हों।
बुखार का रोगी बिना जांच कराए दवा का इस्तेमाल न करें खाली पेट दवा न लें।