इटावा। इकदिल क्षेत्र में डॉक्टर से हुई लूट की वारदात के बाद पुलिस की सबसे बड़ी तलाश बने अंकित उर्फ सीपू का आखिरकार सुराग उसके साथी सुमित से मिला। एसओजी और सर्विलांस टीम की लगातार निगरानी के बाद दोनों की लोकेशन गाजियाबाद में ट्रेस हुई। इसके बाद हुई पुलिस मुठभेड़ में पहले सुमित और बाद में अंकित को मार गिराया।
भरथना के यादव नगर निवासी अंकित उर्फ सीपू तीन 2024 में वह अपराधियों के संपर्क में आ गया। इसी दौरान उसने साथियों के साथ बसरेहर थाना क्षेत्र में एक ऑटो चालक से आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार किया था। उस दौरान उसके पैर में गोली लगी थी और बाद में उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेल में ही अंकित की दोस्ती सुमित से हुई। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने मिलकर संगठित तरीके से आपराधिक गतिविधियां शुरू कर दीं। तीन जुलाई को इकदिल क्षेत्र में डॉक्टर से हुई लूट के बाद पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया था। इस मामले में एसओजी ने 10 जुलाई को अंकित के साथी शिवम को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में शिवम ने पुलिस को बताया कि अंकित, सुमित के संपर्क में है। इसके बाद एसओजी और सर्विलांस टीम ने सुमित को रडार पर ले लिया। पुलिस ने सुमित के करीब 20 परिचितों और साथियों से पूछताछ की। इसी दौरान एक साथी से जानकारी मिली कि सुमित गाजियाबाद में छिपा है और अंकित भी उसी के साथ रह रहा है। सूचना मिलने के बाद एसओजी और सर्विलांस टीम ने दोनों की गतिविधियों पर नजर रखी और उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस कर ली। इसके बाद घेराबंदी की गई। शिकोहाबाद में दोनों को घेरने पर सुमित ने एसओजी पर फायरिंग कर दी। दो सिपाहियों के घायल होने के बाद पुलिस ने घेरा तब सुमित को पहले ढेर किया। इसके आधे घंटे बाद अंकित को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस का मानना है कि अंकित की तलाश करते हुए सुमित तक पहुंचना इस पूरे ऑपरेशन की सबसे अहम कड़ी साबित हुई।