इटावा। मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। गर्म और सर्द मौसम के कारण बच्चे तेजी से सर्दी, जुकाम और सूखी खांसी की चपेट में आ रहे हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। इसमें बड़ी संख्या में बीमार बच्चे शामिल रहे। अस्पताल में कुल 1037 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें से 90 बच्चे सर्दी और सूखी खांसी से पीड़ित पाए गए। डॉक्टरों ने सभी बच्चों का परीक्षण किया। उन्हें दवाएं दीं और परिजनों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके यादव ने बच्चों की सेहत के लिए सावधानी बरतने पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों को ठंडी चीजों से दूर रखने और सादा या गुनगुना पानी देने की सलाह दी। सुबह तापमान गिरने पर छोटे बच्चों के पहनावे पर विशेष ध्यान दें। डॉ. यादव ने कहा कि लगातार सूखी खांसी आने पर खुद से दवा देने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बारिश के मौसम में इन बातों का रखें ध्यान
-बच्चों को फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, आइस्क्रीम और बासी खाने से बिल्कुल दूर रखें।
-ताजा बना भोजन और सादा या हल्का गुनगुना पानी ही पीने को दें।
-सुबह के समय छोटे बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
-दोपहर में तेज धूप या गर्मी होने पर अचानक एसी या कूलर के ठीक सामने न बैठाएं।
-खाने से पहले बच्चों के हाथ साबुन से अच्छी तरह धुलवाएं।
-घर के आसपास साफ-सफाई रखें ताकि मौसमी वायरस न पनपें।
-बच्चों की डाइट में मौसमी फल, हरी सब्जियां और सूप जैसी चीजें शामिल करें।
-सर्दी-खांसी होने पर मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक या कफ सिरप न दें।
-डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा शुरू करें।