माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के प्रदेशीय आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिले भर के माध्यमिक शिक्षकाें ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना देकर पुरानी पेंशन योजना की बहाली मांगी। प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस के प्रतिनिधि प्रधानाचार्य एके सिंह को सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए प्रदेशीय मंत्री शिवकुमार गुप्त ने कहा कि कर्तव्य के पेड़ पर ही अधिकार के फूल खिलते हैं। शिक्षक शिक्षार्थी एवं माध्यमिक शिक्षा के विकास के लिए संघर्षरत रहना चाहिए।
प्रांतीय कार्यसमिति के सदस्य अरविंद कुमार कैथबार ने टीचरों की मांगाें का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सरकार ने इन्हें नहीं माना तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। संघर्ष समिति संयोजक अशोक कुमार दीक्षित ने भी टीचरों से संघर्ष का आह्वान किया। इस मौके पर जिला मंत्री विपिन कुमार ने जनपद के पीड़ित शिक्षकों की समस्याओं के लंबित रहने पर नाराजगी जताई।
कहा कि शैक्षिक सत्र लाभ प्राप्त करने वाले टीचरों व प्रिंसिपलों के वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने शीघ्र वेतन भुगतान की मांग की। जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्रा ने 18 सूत्रीय मांगे बताईं।
मांग पत्र में टीचरों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिलाने, सीटी का एलटी में संविलियन, वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय तथा व्यवसायिक शिक्षकों आदि की मांगों पर धरने में व्यापक चर्चा हुई। चर्चा में जनपद में प्रत्येक माह विलंब से वेतन भुगतान पर शिक्षकों ने नाराजगी प्रकट की।
धरने पर बैठने वालों में कमलेश कुमारी, मंजूलता, धर्मेंद्र पटेल, पुष्पेंद्र कुमार, मुकेश कुमार, अनुरुद्ध मिश्रा, हेमचंद्र, सुनील कुमार, बृजमोहन, प्रेम बहादुर सक्सेना, रामकिशोर गुप्ता, अजय कुमार, ओमप्रकाश यादव, केएन दुबे, सुनील यादव, प्रद्युम्न कश्यप, नरदेव आर्य, प्रहलाद प्रसाद, राजकुमार, प्रधानाचार्य डा. ध्रुव कुमार गुप्ता, शिक्षणेत्तर संघ के जिला अध्यक्ष दिनेश तोमर, अरविंद तिवारी, आशाराम मिश्र, जगदीश गौतम, चंद्रेश कुमार, अशोक कुमार यादव, राजेंद्र सिंह भदौरिया आदि शामिल रहे।