कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक में समीक्षा करतीं डीएम श्रुति सिंह। संवाद
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इटावा। डीएम श्रुति सिंह ने कहा कि सभी अधिाकरी 100 दिन का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य योजना तैयार कर काम करें। शासन स्तर से कार्यों की मानीटरिंग की जा रही है। पेंशनरों के लंबित प्रकरणों का समय से निस्तारण करें। विनियमित क्षेत्र के नक्शे पास कराने के लिए एनओसी समय से दें।स्टांप वादों का समय से सत्यापन होना चाहिए। परिवहन देय, स्टांप एवं निबंधन, वाणिज्य कर, विद्युत देय में राजस्व वसूली में वृद्धि के प्रयास करें। खनन कार्य की जांच के लिए उदी मोड़ पर शिफ्टवार ड्यूटी लगेगी।
डीएम ने कलक्ट्रेट सभागार मे कर-करेत्तर, राजस्व वसूली की समीक्षा में पाया कि परिवहन देय में 847.35.लाख के सापेक्ष 671.20 लाख, स्टाप एवं निबंधन में 1640 लाख के सापेक्ष 1158.05 लाख, वाणिज्य कर द्वारा 1303.09 लाख के सापेक्ष 842.38 लाख, विद्युत देय में 8274 लाख के सापेक्ष 7425.05 लाख की वसूली हुई है।
इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वसूली की प्रगति मे सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन देय, स्टांप एवं निबंधन,वाणिज्य कर में की जा रही राजस्व वसूली पर नाराजगी व्यक्त की। आरसी वसूली पर विशेष ध्यान देने को कहा।
सभी एसडीएम, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि किसी भी दशा में पांच वर्ष, तीन वर्ष से अधिक पुराने वाद किसी भी कोर्ट में लंबित न रहे। प्राप्त होने वाले प्रकरणों का 45 दिन के अन्दर प्रत्येक दशा में निस्तारण करें। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।