इटावा। अपर जनपद न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने किशोरी को ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में सात साल की सजा सुनाई है। किशोरी को ले जाने के मामले में युवक के साथी को पांच साल की सजा सुनाई गई है। दोनों दोषियों पर जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना की राशि में 25 हजार रुपये पीड़िता का देने के आदेश दिए गए हैं।
विशेष शासकीय अधिवक्ता पॉक्सो एक्ट आशीष तिवारी के अनुसार जून 2016 को सहसों थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को दो लोग बहला-फुसलाकर बाइक पर ले गए थे। किशोरी के पिता ने मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मिहौना थाना क्षेत्र के गांव इमली निवासी हरी शंकर और लहार जिला निवासी देशराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किशोरी को पुलिस ने ढूंढ लिया था। विवेचक ने हरीशंकर के खिलाफ किशोरी को ले जाने, दुष्कर्म करने , पॉक्सो एक्ट और देशराज के खिलाफ किशोरी को ले जाने का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
मुकदमे की सुनवाई अपर जनपद न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जनार्दन प्रसाद यादव की अदालत में हुई। विशेष शासकीय अधिवक्ता की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने हरीशंकर को दुष्कर्म करने में सात साल की सजा सुनाई और 32 हजार का जुर्माना लगाया। देशराज को पांच साल की सजा सुनाई गई और 12 हजार का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
जुर्माना राशि से 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।