इटावा। नगरीय क्षेत्र में आने वाले करीब 25 हजार पटरी दुकानदारों को सरकार से मिलने वाली मदद का तीन महीने से इंतजार है। इन दुकानदारों का कहना है सरकार घोषणा करके शायद धनराशि देना भूल गई है।
कोरोना काल में लॉकडाउन से ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों का कामकाज पूरी तरह से बंद रहा। अचानक दैनिक मजदूरी बंद होने से इन गरीब दुकानदारों ने दूसरों से उधार आदि लेकर किसी तरह परिवार का भरण पोषण किया। इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश सरकार ने मई 2021 में घोषणा की कि इन दुकानदारों को तीन महीने का राशन फ्री दिया जाएगा। इसके साथ ही एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। यह सहायता सीधे गरीबों के खाते में डीबीटी से दी जाएगी।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने 18 मई को इसका शासनादेश भी जारी किया था। जिसमें डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से योजना का क्रियान्वयन किया जाना था। इसके बाद पंजीकृत श्रमिकों के अतिरिक्त दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा, ई रिक्शा चालक, कुली, पल्लेदार, नाविक, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि गरीब दुकानदारों का सर्वे कराया गया। ग्राम पंचायतों में सर्वे का कार्य जिला पंचायतराज अधिकारी के स्तर से और नगरों में स्थानीय निकायों को लगाया गया।
मई में ही जिला पंचायतराज विभाग ने जिले की सभी 471 ग्राम पंचायतों में सर्वे कराया। इनमें करीब 5000 श्रमिकों का डाटा एकत्रित किया गया। इसके अलावा तीन नगर पालिका परिषद और तीन नगर पंचायतों में करीब 25 हजार श्रमिकों को इस योजना के लिए पात्र माना गया। इसके बाद से गरीब दुकानदार सरकारी इमदाद मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव का कहना है कि सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। जनता को भ्रमजाल में फंसाये रखने के लिए इस तरह की घोषणाएं कर दी जाती हैं, लेकिन अमल नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार यदि गरीबों की हिमायती है तो रक्षाबंधन से पहले गरीबों के खातों में पैसा भेज देती।
जिला पंचायतराज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे के आधार पर पात्रों की सूची का डाटा फीड कराया जा चुका है। अब खातों में धनराशि सीधे शासन स्तर से भेजी जाएगी।
नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने बताया कि डाटा फीड हो चुका है। शासन से रेहडी पटरी वालों के खातों में सीधे धनराशि भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चरणबद्घ तरीके से धनराशि खातों में पहुंचेगी।