इटावा। बसरेहर थाना क्षेत्र के किल्ली सुल्तानपुर गांव चार साल पहले हुए मारपीट और एससीएसटी के मामले में आरोपी को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट ने दो वर्ष के साश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। दो अन्य अभियुक्तों को छह-छह माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामले में दो नामजदों को दोष सिद्ध न होने पर बरी कर दिया।
विशेष शासकीय अधिवक्ता रमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि बसरेहर थानाक्षेत्र के किल्ली सुल्तानपुर निवासी शिवराम खटिक तीन नवंबर-2016 को गांव के कामय सिंह, सिंटू राजपूत और पिंटू राजपूत को रास्ते के विवाद में दिया था। कायम सिंह ने जान से मारने के इरादे से सिर पर कुदाल मार दी। मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचक ने विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी (पी. ए.) एक्ट न्यायालय संख्या-दो की अवधेश कुमार की अदालत में चल रही थी। न्यायाधीश ने कायम सिंह को दो साल के साश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर दो हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया गया। विशेष शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक अभियुक्त पिंटू राजपूत और सिंटू राजपूत को छह माह के सजा सुनाई।
पीड़ित शिवराम सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। कोर्ट ने 24 जनवरी 2017 को बसरेहर थाना को घटना की एफआईआर दर्ज कर विवेचना किए जाने के निर्देश दिए। उसके करीब दो महीने बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। इस मामले में कोर्ट ने तत्कालीन बसरेहर थाना प्रभारी को जान बूझकर दायित्वों का पालन न करने का दोषी माना है। तत्कालीन थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के आदेश न्यायाधीश ने एसएसपी को दिए हैं।