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कमजोर पड़ी हड़ताल, काम पर लौटे तीन लेखपाल

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इटावा। लेखपालों की हड़ताल शासन की सख्ती के चलते पंद्रहवें दिन ढीली पड़ गई। भरथना तहसील के तीन लेखपाल काम पर लौट आए। हालांकि अन्य लेखपालों का प्रदर्शन कलक्ट्रेट में मंगलवार को भी जारी रहा।
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आठ मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन पिछले महीने शुरू हुआ था। 10 दिसंबर से लेखपालों ने हड़ताल के साथ तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। 13 दिसंबर से कलक्ट्रेट पर धरना चल रहा है। शासन ने हड़ताल को अवैध घोषित कर एस्मा लगा दिया है। इसके चलते सभी हड़ताली लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस के नोटिस जारी करने के साथ लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष समेत 16 लेखपालों को निलंबित भी किया जा चुका है। इसके बावजूद लेखपालों का धरना-प्रदर्शन कलक्ट्रेट में चल रहा है। मंगलवार को ब्रजमोहन गौतम की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन किया गया। इसमें अशोक कुमार यादव, राजेश यादव, गुरुप्रसाद चौधरी, बलवीर सिंह, विजय सिंह, महेंद्र सिंह यादव, ध्रुव तिवारी, संजय, अमित पाल, दीप शिखा, लाल बहादुर, अर्जुन सिंह, राम कुमार बरुआ, संजीव आदि लेखपाल शामिल रहे। उधर भरथना तहसील के नायब तहसीलदार विशाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को हड़ताल में शामिल तीन लेखपाल विकास, शिवानी मिश्रा और भानुप्रताप काम पर लौट आए हैं।
गौरतलब है कि जिले में 169 लेखपाल हैं, जिसमें 153 हड़ताल में शामिल हुए थे। 16 लेखपाल व्यक्तिगत कारणों से शुरू से ही हड़ताल में शामिल नहीं रहे। तीन लेखपालों के काम पर लौटने के बाद हड़ताली लेखपालों की संख्या 150 बची है।
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