इटावा। बस स्टैंड तिराहे से लेकर शास्त्री चौराहे तक अस्थायी कब्जाधारी नगर पालिका परिषद के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इस अस्थायी अतिक्रमण का हल नगर पालिका, पुलिस और प्रशासन को भी नहीं सूझ रहा है।
यहां से अतिक्रमण कई बार हटाया जा चुका है, इसके बावजूद यहां पर अगले दिन फिर अतिक्रमण हो जाता है। इस अस्थायी अतिक्रमण की वजह से यहां पर दिनभर जाम की स्थिति रहती है।
हालांकि, शास्त्री चौराहे पर पुलिस तैनात रहती है, लेकिन इन अस्थायी दुकानदारों के आगे उनकी भी नहीं चलती है। अतिक्रमण की समस्या बस स्टैंड तिराहे से ही शुरू हो जाती है।
यहां पर जो स्थायी दुकानदार हैं, उनका जितना सामान दुकान के अंदर नहीं रहता है, उससे अधिक सामान दुकान के बाहर भी रहता है। यहां के दुकानदार लगभग पूरा फुटपाथ अपने कब्जे में लेकर रखते हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
इसके अलावा इसी रोड पर दोनों तरफ कई गैराज संचालित हैं। इनके खराब और दूसरे वाहन फुटपाथ पर कब्जा जमाए रहते हैं। इन दुकानों पर वाहनों को सुधरवाने आने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े करते हैं।
इन गैराज के अलावा इस रोड पर टूर एवं ट्रेवल्स वालों ने कब्जा जमाया हुआ है। ट्रेवल्स कंपनी वालों की पूरी दुकान ही सड़क पर जमी रहती है। इनकी कुर्सी-टेबल और कैनोपी सड़क पर ही रहती है।
शाम को ये अपनी दुकान समेटकर चले जाते हैं। सड़क पर दिन भर जाम के हालात रहते हैं, लेकिन ये अपनी जगह से टस से मस नहीं होते हैं। इसकी वजह से अगर थोड़ी देर के लिए भी कोई बड़ा वाहन आकर सामान उतारता है या खड़ा हो जाता है तो जाम की स्थित बन जाती है।
कपड़े, जूते-चप्पल की दुकान भी सड़क पर
गैराज, टूर एंड ट्रेवल्स के अलावा यहां पर इटावा के ग्रामीण क्षेत्र और दूसरे जिलों से आकर भी व्यापारी अपनी अस्थायी दुकानें यहां पर जमा लेते हैं। इसमें जूते-चप्पल और कपड़ों की दुकानें भी शामिल रहतीं हैं।
इनके यहां खरीदारी करने आने वाले ग्राहक भी सड़क पर अपने वाहन खड़ा करके खरीदारी करते हैं। इस वजह से यहां पर जाम की स्थिति बनती है। जूत्रे-चप्पल और कपड़ों की दुकानों के अलावा यहां पर फलों के ठेले और खाने-पीने का सामान बेचने वालों की वजह से भी जाम के हालात बनते हैं।
बस स्टैंड तिराहे पर ढाबा चलाने वाले रॉकी ने बताया कि ठीक मुख्य तिराहे पर ही कुछ दुकानें सड़क पर लगी हुई हैं। इसको लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं। कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बताया कि जाम की वजह से यहां पर दिन में कई बार झगड़े की नौबत आती है। यहां किसी दिन बड़ी वारदात हो सकती है। पहले एक दुकान कुछ दिन के लिए लगाई गई थी, बाद में यह धीरे-धीरे स्थायी हो गई। विरोध करने पर दुकान लगाने वाले लड़ने पर उतारू हो जाते हैं।
छह जनवरी को हटाया गया था अतिक्रमण
नगर पालिका यहां पर अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार अभियान चला चुकी है। चूंकि ये अतिक्रमण अस्थायी हैं, इसलिए इस पर कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
नगर पालिका की टीम इधर अतिक्रमण हटाती है और उधर फिर से ये अस्थायी दुकानदार कब्जा जमा लेते हैं। पालिका के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि अभी चुनाव की वजह से कई दिन से कार्रवाई नहीं की गई है।
वहां की अतिक्रमण और जाम की समस्या को लेकर जल्द स्थायी समाधान निकालेंगे। चुनाव में चूंकि फोर्स लगा हुआ है। अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन से भी सहयोग लेना पड़ेगा।