यूक्रेन में बंकर में बैठा रोहन अपने अन्य साथियों के साथ, दायें से पीली जैकेट में
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इटावा। यूक्रेन में जिले के 10 छात्र फंसे हैं। इनके परिजन एक ही प्रार्थना कर रहे हैं कि हे भगवान मेरे बच्चे की रक्षा करना। उनकी सकुशल वतन वापसी हो जाए। परिजनों को न दिन में चैन आ रहा है और न ही रात को नींद। वह वीडियो कॉल कर हाल जानते रहते हैं।
लालपुरा के रहने वाले धीरेंद्र यादव के बड़े बेटे रोहन यादव यूक्रेन के डिनप्रो शहर में रहकर एमबीबीएस थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रहे हैं। रोहन के पिता धीरेंद्र यादव ने कहा कि उनकी बेटे से दिन में कई बार वीडियो कॉल के जरिये बात हो रही है। पिछले दो-तीन दिनों से हालात बिगड़े हैं। इससे चिंता बढ़ गई है। रोहन के पिता ने सरकार से मांग की है कि पहले छात्रों को यूक्रेन में ही सुरक्षित किया जाए। उसके बाद उनकी सुरक्षित घर वापसी कराई जाए। धीरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने 26 फरवरी का टिकट बेटे के लिए कराने की कोशिश की थी लेकिन 30 हजार टिकट एक लाख 50 हजार का आ रहा है।
बकेवर। कस्बा बकेवर निवासी मनोज पाठक और विजया का पुत्र शुभ पाठक यूक्रेन में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। दोनों लोग दो दिन से ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। छात्र शुभ पाठक के माता-पिता बेहद ही चिंतित हैं। बेटे की सुरक्षा को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उसको यूक्रेन से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। यूक्रेन से शुभ पाठक से जब बात की गई तो उसने बताया कि वह कॉलेज स्थित हॉस्टल के नीचे बने बंकर में रुका हुआ है। बंकर में तीन सौ छात्र-छात्राएं हैं। उसने बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने तैयार रहने को कहा है। पाठक ने बताया कि वह वापस आने के लिए काफी चिंतित है। चारों तरफ तेज धमाकों की आवाज व सायरन की आवाज मन को विचलित कर रही है। मनोज पाठक व विजया पाठक बताती हैं कि उन्होंने रात में दो बार बेटे से वीडियो कॉल पर बात की।