48वें दिन जिले भर के बाजार खुल गए। कोरोना महामारी का खतरा बरकरार होने के बावजूद बाजार निकले लोग एक-दूसरे से सटकर चले और दुकानों पर सटकर ही खड़े रहे। बच्चों और बूढ़ों को भी बाजार में देखा गया।
बहुत से लोग मास्क या गमछा भी नहीं लगाए थे। बाजारों में भीड़ होने के कारण पुराने शहर में जाम जैसे स्थिति रही।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गुजरात से आए श्रमिकों को भेजने की व्यवस्था में लगे रहे, इससे भी बाजार में अव्यवस्था ज्यादा रही।
शहर में रामनगर फाटक से भरथना चौराहा, भरथना रोड लक्ष्मण वाटिका, फर्रुखाबाद रोड, नवीन मंडी, विजय नगर चौराहा,
रेलवे स्टेशन बजरिया, शास्त्री चौराहा, नौरंगाबाद, राजागंज, पक्का बाग तिराहा, नुमाइश चौराहा, बस स्टैंड, बलराम सिंह चौराहा, पीएसी बटालियन, गाडीपुरा, कटरा बलसिंह, साबितगंज आदि बाजारों में एक तरफ की दुकानें सुबह 11 बजे खुल गईं।
सुबह सात बजे से किराना, सब्जी और फल की दुकानें खुल गईं थीं। इससे सुबह से ही मुख्य बाजरों में भीड़ बढ़ गई। दोपहर करीब 12 बजे से पुराने शहर के सभी बाजारों और विजय नगर चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर निकल आए।
दुकानों के बाहर सोशल डिस्टिेंसिंग का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा गया। दुकानदारों ने भी पूरी तरह से सावधानी नहीं बरती। जसवंतनगर के अनुसार दुकानें 11 बजे खोलने के आदेश थे, लेकिन सदर बाजार, पंसारी बाजार, सब्जी मंडी, सिटी प्लाजा, जैन बाजार के ज्यादातर दुकानदारों ने नौ बजे ही दुकानें खोल लीं।
प्रशासन ने एक तरफ की दुकानें खोलने का शेड्यूल बनाया था, लेकिन दूसरी तरफ के दुकानदारों ने भी दुकानें खोल लीं। इससे बाजार में बहुत भीड़ हो गई। भीड़ की सूचना पर पुलिस ने बायीं ओर की दुकानें बंद कराईं।
इसके बावजूद बाजार में भीड़ के कारण लोग एक दूसरे से सटकर चलते दिखे। ज्यादातर लोग मास्क भी नहीं लगाए थे।
संवाद प्रतिनिधि भरथना के अनुसार सुबह सात बजे नगर के सभी बाजारों में दाहिनी ओर की दुकानें खुल गईं। इसके करीब एक घंटे के बाद बाजार में भीड़ बढ़ने लगी। 10 बजे तक मेला सा नजर आने लगा।
ज्यादातर दुकानदार भी मास्क व ग्लव्ज नहीं पहने थे। ग्राहकों में तो 60 प्रतिशत बिना मास्क के नजर आए। सुबह ईओ राम आसरे कमल कस्वा चौकी इंचार्ज राजेन्द्र सिंह के साथ बाजार में गश्त भी करते रहे।
संवाद प्रतिनिधि बकेवर के अनुसार कस्बे और लखना के बाजारों में कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया। लोग छोटे बच्चों को भी बाजार पहुंच गए। एक भी दुकानदार दस्ताने पहने नहीं दिखा।
दुकानों पर खरीदारी करने आए ज्यादातर लोग मास्क नहीं लगाए थे और एक दूसरे से सटे भी रहे।
व्यापार मंडल श्यामबिहारी मिश्र गुट के नगर अध्यक्ष दिनेश चंद्र त्रिपाठी उर्फ बबलू त्रिपाठी ने एसडीएम और नगर पंचायत ईओ अजय कुमार से लखना रोड की दुकानों को प्रतिदिन खोलने की मांग की है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश त्रिपाठी व व्यापारी नेता कंछल गुट और सभासद पुरुषोत्तम मिश्रा ने दुकानदारों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
संवाद प्रतिनिधि इकदिल के अनुसार सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक दुकानों खुली रहीं। बाजार में लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं किया। ग्राहक दुकान के अंदर तक पहुंच गए। मास्क, ग्लव्ज और सोशल डिस्टिेंसिंग का ख्याल भी नहीं रखा गया।
लॉकडाउन के बाद सोमवार को खुले बाजार में दुकानदारों से मिलने पहुंचीं सदर विधायक सरिता भदौरिया ने सभी से सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि एक जगह भीड़भाड़ न लगाएं। बीमारी से बचाव पर विशेष ध्यान दें।
अखिल भारतीय व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जागेश्वर अग्रवाल एवं महामंत्री धर्मेंद्र जैन ने व्यापारियों का बैंक बयाज माफ कराने, जीएसटी की दरों में रियायत और विशेष राहत पैकेज दिलाने की मांग की।
उनके साथ जीतेंद्र जैन हैप्पी, चन्दन पोरवाल, हरी नारायण वाजपेयी भी मौजूद रहे। इसी तरह प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल युवा के जिलाध्यक्ष शहनवाज शेख, मो. अम्मार, रोहित प्रताप, हरिओम राजपूत ने भी ज्ञापन दिया।