फोटो: 13 बदहाल हालत में इकदिल चौराहे पर बना फव्वारा। संवाद
2018 में इकदिल के पश्चिमी चौराहे पर नगर पंचायत ने कराया था निर्माण
संवाद समाचार एजेंसी
इकदिल। कस्बे के पश्चिम चौराहे को आकर्षक रूप देने के लिए बनाया गया। फव्वारा पिछले चार वर्षों से बंद पड़ा है। फव्वारे के बंद होने से चौराहे की रौनक पूरी तरह से चली गई है, जिससे कस्बे के लोगों में निराशा है। जब तक यह फव्वारा चालू रहा तब तक लोगों में आकर्षण का केंद्र रहा और लोग इसके पास सेल्फी लेने भी पहुंचते थे लेकिन अब यह चौराहा उजाड़ा हुआ सा दिखाई देता है।
इस फव्वारे का निर्माण वर्ष 2018 में नगर पंचायत ने कराया था। फव्वारे के निर्माण पर तीन लाख 15 हजार रुपये की लागत आई थी। फव्वारा चालू रहने के दौरान शाम होते ही यह स्थान कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता था। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग यहां पहुंचकर रंग-बिरंगी रोशनी और हल्की फुहारों का आनंद लेते थे। फव्वारे के आसपास लोगों की भीड़ जुटती थी और यह चौराहा सेल्फी पॉइंट भी बन गया था।
चौराहे के आसपास के दुकानदार अबरार, अमित, छोटू शुक्ला, शहाबुद्दीन और सोनू वर्मा ने बताया कि फव्वारा बंद होने से चौराहे की रौनक पूरी तरह चली गई है। फव्वारे को चालू करने के लिए वह सब कई बार पंचायत के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। इनका कहना है कि नगर पंचायत ने लाखों रुपये खर्च कर बने फव्वारे की नियमित देखरेख नहीं की। यही कारण रहा कि फव्वारा सालों से बंद है।
लोगों ने जताई निराशा
फोटो: 14 मो. अबरार
चौराहे के पास के दुकानदार मो. अबरार का कहना है कि जब फव्वारा चलता था तब चौराहे के आसपास रौनक रहती थी। इससे वह देर तक दुकान भी खोल लेते थे। अब दुकान जल्द बंद करनी पड़ती है।
फोटो: 15 सोनू वर्मा
कस्बा वासी सोनू वर्मा का कहना है कि फव्वारे से चौराहे की रंगत बदल गई थी। यहां पर फास्ट फूड, आइस्क्रीम आदि की ठेली भी लग जाती थीं और बच्चे भी परिवार के साथ यहां फव्वारा देखने पहुंचते थे।
वर्जन
कर्मचारियों को मौके पर भेजकर फव्वारा बंद होने के कारणों की जांच कराई जाएगी। आवश्यक मरम्मत कराकर फव्वारे को जल्द ही दोबारा चालू कराया जाएगा।-श्याम वचन सरोज, कार्यकारी अधिकारी नगर पंचायत