इटावा। जिला अस्पताल और सरकारी कार्यालयों में तीमारदारों व फरियादियों को भीषण गर्मी में भी ठंडा पानी नसीब नहीं हो रहा है। कहने को तो कार्यालयों के परिसर में आरओ और वाटर कूलर लगे हैं लेकिन वे खराब पड़े हैं। फरियादियों को केवल प्यास बुझाने में 10 से 20 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। वाटर कूलर खराब होने की शिकायतें लोगों ने कई बार कीं लेकिन एसी में बैठने वाले अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जिला अस्पताल
डॉ भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में सुबह ओपीडी में मरीजों की लाइन लगी है और इमरजेंसी में चौबीसों घंटे मरीज, तीमारदार आते रहते हैं। अस्पताल के भूतल पर लगा आरओ प्लांट और दो वाटर कूलर खराब पड़े हैं। भीषण गर्मी में अस्पताल आने वाले तीमारदार ठंडे पानी के लिए परेशान रहते हैं। मरीज के पास रुकने वाले तीमारदारों के प्रतिदिन 20 रुपये केवल ठंडा पानी में खरीदने में खर्च हो जाते हैं। सीएमएस और जनप्रतिनिधियों तक कई बार शिकायतें पहुंचीं लेकिन आरओ प्लांट व वाटर कूलर ठीक नहीं हुए।
सीएमओ कार्यालय
जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया सीएमओ के कार्यालय का वाटर कूलर भी खराब पड़ा है। कार्यालय में गेट से घुसते ही अंदर वाटर कूलर लगा है। यहां दिव्यांग मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाने आते हैं। उन्हें ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ता है। यहां तो पास कोई दुकान भी नहीं है।
रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन वैसे तो जंक्शन का दर्जा पा चुका है। यहां हजारों यात्रियों का आना जाना रहता है। रेलवे स्टेशन परिसर में बाहरी तरफ ठंडे पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। अंदर प्लेटफार्म पर स्टेंड पोस्ट लगे हैं परंतु उनमें भी ठंडा पानी अब नहीं आता।
बस स्टैंड
रोडवेज बस स्टेंड पर तो खुला खुल है। ठंडा पानी पीना है तो 10 रुपये की बोतल खरीदो। यहां पूरे परिसर में यात्रियों के लिए पेयजल की कोई सुविधा नहीं है।
तालाबों का भी पुरसा हाल नहीं
चकरनगर। ग्राम पंचायतों के ज्यादातर तालाब सूखे पड़े हैं। इससे छुट्टा गोवंश पानी के लिए भटक रहे हैं। हरि किशोर तिवारी, अशोक सिंह चौहान मनोज मिश्रा आदि ने प्रशासन ने तालाब भरवाने की मांग की है। बीडीओ सतीश चंद्र पांडे ने कहा कि तालाबों में पानी भरने का आदेश एक माह पूर्व ही दिया जा चुका है। तालाबों नहीं भराए गए हैं तो इसकी जांच की जाएगी।
वर्जन
सीएमओ डा.भगवान दास का कहना है कार्यालय में नीेचे लगा वाटर कूलर खराब है, जिसे कई बार सही करवाया। इसे इसे हटवा देंगे। रही बात जिला अस्पताल की सीएमएस से बात होने पर उन्होंने वाटर कूलर चालू होने की बात कही है, लेकिन फिर भी पत्र लिख रहे हैं। जिससे मरीजों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।