- ताखा के कुदरैल से लेकर फर्रुखाबाद तक बनना है 90 किमी लिंक एक्सप्रेसवे
- पुरैला गांव का सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी, 21 किसानों ने बैनामा कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
ताखा। लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में आ रही बाधाएं आखिरकार दूर हो गई हैं। किसानों की मांगों और प्रशासन के प्रयासों के बाद यह संभव हुआ। शासन ने पुरैला गांव का सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
किसानों ने स्वेच्छा से अपनी जमीन का बैनामा यूपीडा के पक्ष में कराना शुरू किया। बुधवार को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के पहले दिन ही पुरैला गांव के 21 किसानों ने अपनी जमीन का बैनामा कराया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी श्वेता मिश्रा और तहसीलदार जावेद अंसारी तहसील परिसर में मौजूद थे। उन्होंने किसान हरबंस सिंह, देवी दयाल शाक्य और बृजेश कुमार दुबे को सम्मानित किया। राजेन्द्री देवी, बृजरानी देवी और नीरज देवी सहित अन्य किसानों को भी स्मृति चिह्न दिए गए। किसानों में दिख रहे उत्साह से भूमि खरीद प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है। यह कदम लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए महत्वपूर्ण है। इससे परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
शासन की मंजूरी के बाद किसानों को मिलने वाले मुआवजे में बढ़ोतरी हुई है। सामान्य कृषि भूमि का सर्किल रेट 18 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। वहीं सड़क किनारे स्थित भूमि का सर्किल रेट 32 लाख रुपये से बढ़ाकर 45 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गया। भूमि अधिग्रहण के तहत किसानों को निर्धारित सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। इससे किसानों को प्रति हेक्टेयर लगभग 28 लाख रुपये से लेकर 52 लाख रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
उपजिलाधिकारी श्वेता मिश्रा ने बताया कि किसानों के साथ कई बार बैठकें की गईं। उनकी समस्याओं को सुना गया और जायज मांगों का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा गया। जिलाधिकारी के प्रयासों के बाद पुरैला गांव का सर्किल रेट कुदरैल गांव के बराबर किया गया।