फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमएलसी प्रांशुदत्त द्विवेदी बोले: 'अखिलेश यादव को ब्राह्मण से नफरत है, वह एक विशेष बिरादरी के लिए सोचते हैं'

Mon, 30 Jun 2025 11:00 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा

सार

प्रांशुदत्त द्विवेदी ने कहा कि इस घटना में अखिलेश यादव ने सिर्फ एक पक्ष की बात सुनी और उन्हीं की बात रखी। कहा कि गांव पर चढ़ाई करने के लिए आए सैकड़ों युवा अखिलेश यादव नहीं थे तो किसके थे। कहा कि उनका ही संरक्षण था।
विज्ञापन
एमएलसी प्रांशुदत्त द्विवेदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दांदरपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा के बीच हुए विवाद को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक विशेष बिरादरी के लिए सोचा। वह ब्राह्मणों से नफरत करते हैं। यह आरोप सोमवार को शहर आए एमएलसी प्रांशुदत्त द्विवेदी ने प्रेसवार्ता करके लगाया। 

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इस घटना में अखिलेश यादव ने सिर्फ एक पक्ष की बात सुनी और उन्हीं की बात रखी। कहा कि गांव पर चढ़ाई करने के लिए आए सैकड़ों युवा अखिलेश यादव नहीं थे तो किसके थे। कहा कि उनका ही संरक्षण था। आरोप लगाया कि वह अपने लोगों को शांत नहीं कर रहे थे। वह यह संदेश दे रहे थे कि 2027 तक रुक जाओ अभी हमारी सरकार नहीं है। 2027 में सरकार आ जाए तब धूमधड़ाके से आ जाना। उन्होंने कौशांबी, आगरा, गोरखपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वह घटनाओं में आधी ही बात करते हैं। 

कहा कि उनकी और भाजपा की सरकार में यह अंतर है कि भाजपा में कोई भी दोषी हो उस पर कार्रवाई होती है, जबकि सपा में एक वर्ग विशेष घटना को अंजाम देता है तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। उन्होंने अखिलेश यादव की ओर से धीरेंद्र शास्त्री पर की टिप्पणी को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। कहा कि साधुओं की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने कहा कि खुद की सभाओं में आप खर्च करते हैं उसका कोई हिसाब नहीं है। 
विज्ञापन

आप ब्राह्मणों को निशाना बनाते हैं। बोले- यदि आपको ब्राह्मणों का साथ चाहिए तो आप मथुरा के लिए कूच करिए। लोकसभा के चुनाव से अखिलेश को पीडीए का लाभ नहीं बल्कि आरक्षण खत्म होने को लेकर फैले गलत संदेश का फायदा मिला। कहा कि 2027 में जनता आपको जबाव देगी। उन्होंने अखिलेश यादव की तुलना मुगलों से कर दी। उन्होंने कहा कि वह भी मुगलों की तरह बांटने वाली राजनीति कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें