पत्रकारों से बातचीत करते दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मनीष गुप्ता
- फोटो : ETAWHA
इटावा। व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में फेरी नीति लागू हो चुकी है। ठेले, खोमचे और फेरी वाले निकायों, जिला पंचायत, सूडा और डूडा कार्यालय में पंजीकरण कराएं। निकाय उन्हें जगह उपलब्ध कराएगा और पेंशन योजना का भी लाभ मिलेगा।
शनिवार को भाजपा कार्यालय में मनीष गुप्ता ने प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाया। बताया कि इसी साल जुलाई में प्रदेश में फेरी नीति लागू कर दी गई है। इसके दायरे में शहरों, कस्बों और गांवों में हाथ ठेले पर कारोबार करने वाले, फेरी लगाकर कपड़ा, चूड़ी, नमक से लेकर कबाड़ बेचने वाले तक आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के ठेले व फेरी वालों को जिला पंचायत और नगरीय क्षेत्रों के नगर पंचायत व नगर पालिकाओं में पंजीकरण करा सकते हैं।
इसके अलावा सूडा और डूडा कार्यालयों में भी पंजीकरण कराए जा रहे हैं। उपाध्यक्ष ने कहा कि पंजीकृत ठेलेवालों को नगरीय निकाय और जिला पंचायत की ओर से स्थान मुहैया कराया जाएगा। इसी पंजीकरण के आधार पर छोटे व्यापारी पेंशन योजना के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। फेरी नीति की निगरानी के लिए सभी जिलों के श्रम अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। गौरतलब है कि इटावा जिले में 50 हजार से अधिक ठेले, फड़ और फेरी लगाने वाले हैं। इनका अभी तक पंजीकरण नहीं है।
जिले की बंद पड़ी धान मिलों को सरकार की नई योजना संजीवन दी सकती है। व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता ने बताया कि सरकार ने पुरानी धान मिलों को उच्चीकृत करने के लिए कुल लागत में 25 से 75 प्रतिशत तक सहायता देने का नियम बनाया है। इसके लिए बंद मिलों के संचालकों को किस तरह मिल को उच्चीकृत करेंगे और किस तरह की मशीनें लगाएंगे इसकी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा नई धान मिलें लगाने के लिए 25 प्रतिशत तक सब्सिडी की व्यवस्था भी की गई है। कभी इटावा जिले में धान का बड़ा रकबा था, इससे यहां 120 धान मिलें थीं। इसमें अकेले भरथना 64 मिलें थीं। अब अब जिले में लगभग 20 धान मिलें ही चालू हैं। सरकार की लेबी नीति के कारण मिलें लगातार बंद होती जा रही हैं। व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकारी ने जीएसटी से लेकर श्रम कानूनों तक को व्यापारियों और आम लोगों के हित में बदला है। मंडी के मजदूरों को काम के दौरान हादसा होने पर मुआवजा भी दिया जा रहा है।
व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ने बताया कि सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए तालाब निर्माण का भी निर्णय लिया है। इसमें तालाब निर्माण से मछली पालन तक के लिए एक करोड़ का प्रोजेक्ट है। इसमें 50 लाख रुपये सरकार अनुदान देगी। इसी तरह आलू कोल्ड स्टोरेज पर भी 50 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। कोल्ड स्टोरेज बनाने पर 50 फीसदी सब्सिडी है। इसमें 35 फीसदी पहले साल और 15 फीसदी एक साल कोल्ड स्टोरेज चलाने पर दी जाएगी।