फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंडी बंद, कारोबारी बेहाल, जाम से आम लोग परेशान

विज्ञापन
ाम में फंसी स्कूली बसें और छोटे वाहन - फोटो : ETAWAH
विज्ञापन
इटावा। मतदान के बाद भी गल्ला मंडी न खोलने से खफा व्यापारियों ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई में कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद को सौंपा। इसमें जल्द मंडी खुलवाने की मांग की गई है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष ने भी जिलाधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर समस्या रखी।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह चौहान ने कहा कि मतदान के बाद भी मंडी में कारोबार शुरू न होने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है। मजदूरों, पल्लेदारों के सामने पेट पालने का संकट खड़ा हो गया है। मंडी में कारोबार जल्द शुरू कराया जाए। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एके शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री शिव कुमार सिंह चौहान, युवा प्रदेश संगठन मंत्री अब्दुल जब्बार राईन, महामंत्री शैलेश जैन, सुनीत चौहान, गोरखनाथ वर्मा भी साथ रहे।
उधर, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनंत प्रताप अग्रवाल ने भी आढ़तियों के साथ पहले सिटी मजिस्ट्रेट फिर जिलाधिकारी से मुलाकात की। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के बाद मंडी खोलने का निर्णय लेने की बात कही। अनंत ने तर्क दिया कि आलू खुदाई चल रही है। मंडी बंद होने से किसानों के आलू की बिक्री नहीं हो पा रही है। सुरेश चंद्र यादव, सुधीर राजपूत, सुनील राजपूत, सतीश आढ़ती, प्रदीप यादव, प्रदीप गुप्ता, पप्पन गुप्ता, अन्नू वर्मा, रामबाबू वर्मा भी साथ रहे।
विज्ञापन

व्यापारियों का हो रहा आर्थिक नुकसान
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उप्र के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित, जिला महामंत्री आकाशदीप जैन ने कहा कि मंडी बंद होने से व्यापारियों, फल व सब्जी व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। मंडी जल्द खुलवाई जाए। मांग करने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान, जिला कोषाध्यक्ष कामिल कुरैशी, शहर अध्यक्ष रजत जैन, राजेश पोरवाल, कुलदीप शर्मा, अनिल दिवाकर, ऋषि पोरवाल, संजय वर्मा, नितिन वर्मा, अभिषेक गुप्ता, आशीष पोरवाल, सिद्धांत जैन, अनुज अग्निहोत्री आदि शामिल हैं।
वाह रे इंतजाम, मंडी में काम बंद, सड़क भी जाम
इटावा। विधानसभा चुनाव के लिए पूरी मंडी अधिगृहीत करने से फल, सब्जी, गल्ले का कारोबार तो ठप हो ही गया है, मंडी के सामने भीषण जाम भी लग रहा है। दरअसल मंडी बंद होने से मंडी गेट से भरथना चौराहे तक सड़क के दोनों ओर फल और सब्जी की दुकानें लगती हैं। इससे करीब-करीब रोज लाग लगता है। मंगलवार को भी सुबह छह से नौ बजे तक भीषण जाम लगा रहा। जाम में फंसने से छात्र-छात्राओं स्कूल और नौकरी पेशा लोगों कार्यालय देरी से पहुंच पाए।
जाम की स्थिति यह थी कि साइकिल सवार छात्राएं भी नहीं निकल पा रही थीं। पैदल निकलने वालों को आगे बढ़ऩे में धक्के खाने पड़ रहे थे। व्यापारी अशफाक अहमद, इकबाल, नरेश यादव, तकसीम, रोशन, शमसुद्दीन ने कहा कि प्रतिदिन जाम लगता है। जाम में एंबुलेंस भी फंस जाती हैं। इन लोगों ने कहा कि प्रशासन ने मतदान के बाद फल व सब्जी मंडी खोलने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक मंडी बंद है।
मंडी सचिव सत्यवीर सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी ने मंडी का निरीक्षण करने की बात कही है। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी जो आदेश देंगी, वैसी ही कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक हठधर्मिता ने बढ़ाई मुश्किलें
जाम में फंसे गल्ले के आढ़ती सतीश ने कहा समस्या प्रशासन की हठधर्मिता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। चुनावी प्रक्रिया में पहले कभी फल व सब्जी मंडी को बंद नहीं कराया गया, इस बार प्रशासन ने परेशानियां बढ़ा दी हैं।
मतगणना के दिन बंद होती थी फल मंडी
फलों के कारोबारी आसिफ जरदान ने बताया पहले के सभी चुनावों के समय मंडी के अंदर ही काम करते थे। कभी इतनी परेशानी नहीं हुई, जितनी इस बार हो रही है। केवल मतगणना के दिन फल और सब्जी मंडी बंद होती थी।
समय पर कालेज नहीं पहुंच पाएंगे
बाइक से बसरेहर स्थित इंटर कालेज जा रहे शिक्षक मोहम्मद लुकमान काफी देर तक जाम में फंसे रहे। उन्होंने कहा कि जाम बहुत लंबा है, खुलवाने के लिए कोई पुलिस कर्मी भी नजर नहीं आ रहा है। समय पर नहीं पहुंच पाएंगे।
सप्ताहभर से लग रहा है जाम
शिक्षक प्रवीन चंद्र भी जाम में फंसे थे। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह से प्रतिदिन जाम लग रहा है। डंपरों की लाइन लंबी होने की वजह से स्कूली बसें भी जाम में जाती हैं। स्कूल पहुंचने में रोज देरी होती है।

जाम में फंसी स्कूल जातीं साइकिल सवार छात्राएं- फोटो : ETAWAH

सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष संतोष चौहान व अन्य- फोटो : ETAWAH

कचहरी परिसर में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते व्यापारी- फोटो : ETAWAH

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें