इटावा। भारत रत्न व गायिका लता मंगेशकर के निधन से जिले को लोग भी दुखी हैं। कला व गायिकी से जुड़े जिले के लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। कहा कि उनके गले में मां सरस्वती बैठी थीं। उनके गाए गीत हमें हमेशा याद रहेंगे और नई पीढ़ी को उत्कृष्ट गायन की प्रेरणा देंगे।
शहर के सराय शेख तिकोनिया निवासी व दृष्टिहीन गायक महेश चंद्र जैन ने बताया कि उनके निधन से देश अपूर्णनीय क्षति हुई है। आवाज ऐसी थी जैसे उनके गले में मां सरस्वती विराजित हों।
पुरबिया टोला निवासी व ऑल इंडिया गंधर्व मंडी मुंबई की एग्जामनर, कत्थक अलंकार प्रिया वर्मा एडवोकेट(हाइकोर्ट) ने कहा लता जी का दुनिया से जाना गायकी के क्षेत्र की बहुत बड़ी हानि है। कुछ ईश्वरी प्रतिभाएं अपने आप में अनूठी होती हैं, उन्हीं में से एक लता जी भी थीं। जो अपने गीतों के माध्यम से सदैव संगीत प्रेमियों के दिलों में रहेंगी।
आवास विकास निवासी व शिक्षिका स्वीटी मथुरिया ने कहा कि वे अपनी आवाज से सदैव लोगों के दिलों में रहेंगी। उन्हें कोई नहीं भूल सकता है।
मोहल्ला करौल निवासी अनुराधा यादव ने कहा कि लता जी के देशभक्ति के गीत नई ऊर्जा देते थे। उनके सभी गाने एक से बढ़कर एक हैं। ऐसे लोग अमर होते हैं।