इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राममिलन सिंह के कोर्ट संख्या-1 में मारपीट के लगभग 21 साल पुराने मामले में तीन अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है। दोषियों पर दो-दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था लेकिन एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।
औरेया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र के पेतुआ निवासी सहदेव सिंह और वैदपुरा थाना क्षेत्र के कोठी भरई निवासी 20 फरवरी 2001 को बकेवर थाना क्षेत्र में एक बरात में आए थे। सहदेव ने बकेवर पुलिस को बारातियों और गांव के लोगों में विवाद की सूचना दी थी। आरोप लगाया कि था कि बीच-बचाव करने पर रामप्रकाश, वीरेंद्र, रवींद्र निवासी कोठी भरईपुर थाना बसरेहर और रवींद्र का साला संजीव निवासी नीदनपुरा थाना वैदपुरा ने गाली-गलौज कर लाठी डंडे से मारपीट की थी। मारपीट में दोनों को सिर में चोट आई थी।
पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद मौका मुआयना करके साक्ष्य जुटाकर पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमा चलने की सुनवाई के दौरान राम प्रकाश की मौत हो गई। 30 मार्च को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दो भाइयों वीरेंद्र, रवींद्र और रवींद्र के साले संजीव को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। तीनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर पांच महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। पीड़ित पक्ष की ओर से मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने की।