इटावा/भरथना। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते सोमवार को कोविड अस्पतालों की खामियां परखने के लिए संयुक्त निदेशक डॉ. प्रहलाद सिंह की देखरेख में चौथी बार मॉकड्रिल किया गया। इटावा में एल-टू अस्पताल से पहले भरथना सीएचसी में मॉकड्रिल किया गया।
संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में 100 बेड के कोविड अस्पताल में मॉकड्रिल के बाद संयुक्त निदेशक डॉ. प्रहलाद सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन पर विशेष जोर है।
ऑक्सीजन प्लांट को छह घंटे चलवा रहे हैं, जिससे पता चल सके कि कहां फाल्ट है या कहां पर लीकेज है। निगरानी समितियों को भी देखना पड़ेगा कि उसके पास दवाइयां हैं या नहीं। निगरानी समिति बनी है या नहीं।
होम आइसोलेशन के लिए जो दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही, वह हैं या नहीं। अस्पताल की लिफ्ट की समस्या के बारे में बताया कि सीएमओ की ओर से अफसरों को सूचना दे दी गई है।
मॉकड्रिल के दौरान सीएमओ डॉ. भगवान दास, नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. बीएल संजय, डॉ. पीके गुप्ता, डॉ. शादाब आलम, डॉ. शांतनु निगम समेत मेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।
भरथना सीएचसी में जेडी डॉ. प्रहलाद सिंह की देखरेख में की गई मॉकड्रिल के दौरान निर्धारित दस मिनट की अपेक्षा सात मिनट में मरीज को भर्ती से लेकर उपचार शुरू होने तक की प्रक्रिया की गई।
जेडी ने ऑक्सीजन प्लांट आदि व्यवस्थाओं को देखने के बाद जरूरी निर्देश दिए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित दीक्षित ने बताया कि सीएचसी पर 30 बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट होने व विशेष परिस्थिति में 30 बेड से 50 बेड की व्यवस्था होने की जानकारी दी।
इस दौरान डा. सैफ आदि उपस्थित रहे।