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Etawah News: गलत काम करने की गलती हो गई...पीड़िता को साथ रखने को तैयार

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फोटो 46 : दुष्कर्म का आरोपी रवींद्र। स्रोत विभाग
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इटावा। गलती हो गई मुझसे, सिर्फ एक बार गलत काम किया है...यह बात शुक्रवार को मीडिया के सामने आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती मूकबधिर महिला से दुष्कर्म करने के आरोपी सफाई कर्मी ने कबूली। जिला अस्पताल में मेडिकल कराने आए आरोपी ने कहा कि वह पीड़िता को शादी करके रखने को भी तैयार है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
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18 मार्च को आयुर्विज्ञान विवि के मानसिक रोग विभाग में भर्ती बेसहारा मूकबधिर महिला से दुष्कर्म और उसके पांच महीने की गर्भवती होने की बात सामने आई थी। विवि प्रशासन ने प्रथम दृष्टया विभागाध्यक्ष को पद मुक्त करने के साथ ही 14 अन्य कर्मचारियों का भी अन्य विभागों में स्थानांतरण कर दिया था। साथ ही नौ सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे आरोपी रविंद्र और पीड़िता को अलग-अलग मेडिकल के लिए लाया गया। आरोपी का मेडिकल इमरजेंसी वार्ड में करीब दो घंटे तक चला। वहीं एक ट्रांसलेटर, काउंसलर, महिला एसआई के साथ आई पीड़िता का भी मेडिकल लगभग दो घंटे तक महिला अस्पताल में किया गया। यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए सफाईकर्मी ने बताया कि वह लगभग पांच साल से आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती था। उसने बताया कि उसने लगभग पांच माह पहले एक बार पीड़िता के साथ गंदा काम किया था। उससे गलती हो गई। बोला कि यदि कोर्ट का आदेश होगा तो वह पीड़िता को शादी करके अपने साथ भी रखेगा।
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पुलिस अधीक्षक देहात श्रीशचंद्र ने बताया कि जांच की जा रही है। बताया कि आरोपी का मेडिकल कराकर उसे जेल भेज दिया है। बताया कि आरोपी का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।




आरोपी की पत्नी भी आयुर्विज्ञान विवि में सफाई कर्मी के रूप में काम कर चुकी है। बताते हैं कि उसने विवि से कुछ साल पहले नौकरी छोड़ दी थी। चर्चा है कि आरोपी का पत्नी से झगड़ा रहता था। हालांकि पत्नी ने किसी भी झगड़ा होने की बात से इन्कार किया है।






आरोपी की पत्नी ने जिला अस्पताल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए। पत्नी ने कहा कि उसके पति को 18 मार्च को विवि परिसर में मानसिक रोग विभाग के अधिकारियों ने कमरे में बंद करके पीटा। उससे यह आरोप अपने सिर लेने का दबाव बनाया। कहा कि यदि यह घटना सही है तो पांच माह तक आयुर्विज्ञान विवि क्या कर रहा था। कहा कि वार्ड में ब्रदर, सिस्टर, गार्ड सभी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद मेरे पति ने इतनी बड़ी घटना कैसे कर दी। कहा कि उसके पति को फंसाया जा रहा है।







मरीजों के अनुसार पीड़ित महिला विवि परिसर में जहां-तहां घूमती रहती थी। वह मरीजों के कपड़ों में होती थी और इशारों में लोगों से बात करने का प्रयास करती थी। इससे लोगों को उसके मानसिक संतुलन का तो पता चल जाता था, लेकिन इतनी बड़ी घटना का अंदाजा किसी को नहीं था। मरीजों के अनुसार, महिला पान मसाला के लिए मरीजों के तीमारदारों से अक्सर कहती थी। वह सफाईकर्मियों समेत अन्य कर्मियों से भी पान मसाला को लेकर ही बात करती थी। इसी का फायदा उठाकर घटना को अंजाम दिया गया।
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