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डिजिटल फोर्स के साथ मोर्चे पर पैदल सेना

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इटावा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में डिजिटल और वर्चुअल की सब जगह चर्चा है। चुनाव आयोग ने रैलियों पर रोक लगाई है। राजनीतिक दलों को वर्चुअल रैलियां करने का निर्देश दिया है।
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अधिकतर नेता और पार्टियां वर्चुअल पर जोर भी दे रहीं हैं। सोशल मीडिया और फेसबुक पर एक तरह से सभी पार्टियों में जंग भी छिड़ गई, लेकिन पार्टियां पैदल सेना को मोर्चे पर तैनात किया है।
पार्टियां ग्रामीणों तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रहीं हैं, जो अभी सोशल मीडिया, मोबाइल और डिजिटल दुनिया से अछूता है। कोरोना के प्रभाव और चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद राजनीतिक दलों ने अपने प्रचार के तरीके भी बदल दिए हैं।
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एक तरफ डिजिटल का शोर है, लेकिन जमीनी स्तर पर पार्टियां मतदाता से सीधे संपर्क साधने के लिए मोर्चेबंदी में जुटी हैं। पार्टियों के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेता तो वर्चुअल मीटिंग कर रहे हैं, लेकिन जिला स्तर से लेकर बूथस्तर तक नेता कार्यकर्ता गलियों की खाक छान रहे हैं।
कोरोना की गाइड लाइन के चलते बड़े-बड़े नेता भी भीड़ में नहीं चुनिंदा कार्यकर्ताओं के साथ डोर-टू-डोर अभियान में जुटे हुए हैं। पार्टियों के बड़े-बड़े नेता लोगों के घरों पर दस्तक दे रहे हैं। उनसे सीधे संपर्क करके अपनी पार्टी की नीतियां, वादे, दावे पहुंचा रहे हैं।
लाभार्थी अभियान से भाजपा की घर-घर दस्तक
भाजपा कार्यकर्ताओं को डिजिटल में महारत हासिल है। इनकी आईटी सेल काफी मजबूत मानी जाती है, लेकिन भाजपा ने लाभार्थी अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत भाजपा कार्यकर्ता और नेता घर-घर दस्तक दे रहे हैं।
ये मतदाताओं से सीधे जुड़ रहे हैं और उन्हें अपनी सरकारों की उपलब्धियां गिनवा रहे हैं। उनके इस अभियान में जिलाध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंच रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत ने बताया कि उनका लाभार्थी अभियान अंतिम दौर में है, हम एक बार लगभग सभी लोगों तक पहुंच बना चुके हैं।
सपा के मुफ्त बिजली अभियान से करंट
भाजपा की पैदल सेना को टक्कर देने के लिए सपा ने अपने जत्थे उतार दिए हैं।
सपा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों का दरवाजा खटखटा रहे हैं। इसके तहत वे लोगों से 300 यूनिट बिजली फ्री देने के अलावा सपा की पिछली सरकार की उपलब्धियां तो गिनवा रहे हैं, साथ ही अखिलेश यादव जो वादे कर रहे, उनको भी आम लोगों को तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने बताया कि हमारे इस अभियान को काफी रिस्पांस मिल रहा है।
बसपा का डिजिटल से ज्यादा जमीन पर जोर
बहुजन समाज पार्टी पहले से ही डिजिटल से अधिक जमीन पर जोर दे रही है। बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह जाटव कहते हैं कि हमारी पार्टी की नीतियां एकदम स्पष्ट हैं।
हम कहने में नहीं, करने में भरोसा रखते हैं। बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर अपने वोटर से संपर्क कर रह्रे हैं। ग्रामीण अंचल में भी बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचकर बसपा की नीतियों को पहुंचा रहे हैं। आगे भी इस अभियान में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा।
कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी उतरे मैदान में
डिजिटल की जंग में जोर के लिए कांग्रेस भी तैयारियों में जुटी है।
प्रियंका गांधी, फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म से कार्यकर्ताओं से जुड़तीं हैं, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता और जिन नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी की है, वे सभी ग्रामीण अंचल और शहर में लोगों से सीधे संपर्क कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी के वादों के अनुसार, कांग्रेस की नीतियों को लेकर वोटरों के सामने जा रहे हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह यादव ने बताया कि कार्यकर्ता लंबे समय से तीन-तीन, चार-चार की संख्या में अधिकतर गांवों में पहुंच रहे और लोगों से सीधे संपर्क कर रहे हैं।
सदर सीट पर प्रसपा लगा रही जोर
इटावा सदर सीट पर प्रसपा के नेता रघुराज सिंह शाक्य ने भी पूरा दम-खम लगाया हुआ है। इटावा सदर सीट के लिए अभी किसी भी पार्टी ने टिकट घोषित नहीं किया है।
इटावा के पूर्व सांसद और पूर्व विधायक रघुराज सिंह शाक्य का कहना है कि टिकट देना और न देना पार्टी हाईकमान का काम है। हमेशा जनता के बीच में रहता हूं, इसलिए आज भी जनता के सीधे संपर्क में हूं।
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