इटावा। बाबा साहब आंबेडकर की जयंती भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को इटावा क्लब में समरसता दिवस के रूप में मनाई। गुरुवार को आयोजित इस विचार गोष्ठी में केंद्रीय कानून राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने संबोधित किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में बच्चों को शिक्षित करने पर जोर देते हुए कहा कि बाबा साहब का भी मूलमंत्र शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो रहा है। इस मौके पर उन्होंने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
केंद्रीय राज्य मंत्री बघेल ने गोष्ठी में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब का सपना पूरा किया है। बाबा साहब जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के खिलाफ थे, मोदी सरकार ने उसे हटा दिया है। गोष्ठी में उन्होंने कहा कि बाबा साहब का मूल मंत्र शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो रहा। कहा आज के दिन को भारत में समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में भी जाना जाता है। बाबा साहेब ने जाति व्यवस्था का कड़ा विरोध करते हुए दलितों के उत्थान के लिए कई कदम उठाए थे।
इसी के चलते उन्हें दलितों का मसीहा भी कहा जाता है। सामाजिक न्याय की दिशा में हमने कई मानदंड तय किए हैं। बाबा साहब की जयंती से जाग्रति आती है, जाग्रति से सोच बदलती है और सोच से संघर्ष करने की क्षमता आती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संघर्ष से सत्ता मिलती है और सत्ता से इतिहास बनते हैं। कार्यक्रम में सांसद डा.रामशंकर कठेरिया, सदर विधायक सरिता भदौरिया, पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया, केके राज व रघुराज सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत, पूर्व जिलाध्यक्ष अजय धाकरे, डा.रमाकांत शर्मा, अन्नू गुप्ता, प्रशांत राव चौबे, रजत चौधरी, राहुल राजपूत, डा. ज्योति वर्मा, ममता कुशवाहा, विरला शाक्य, विक्रम अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। संचालन जिला महामंत्री शिवाकांत चौधरी ने किया। कार्यक्रम संयोजक देव प्रताप भदौरिया व सह-संयोजक जितेंद्र गौड़ रहे।
परिवारवाद समाप्त हो रहा, राष्ट्रवाद आ रहा
इटावा। केंद्रीय कानून राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल कहा है अब परिवारवाद समाप्त हो रहा है राष्ट्रवाद आ रहा है। उन्होंने इसके लिए जम्मू कश्मीर में शेख अब्दुल्ला, हरियाणा में चौधरी देवीलाल के परिवार का नाम भी लिया।
यह बात उन्होंने बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग के प्रशासनिक सभागार में मीडिया से वार्ता के दौरान कही। मुलायम-अखिलेश के हार की समीक्षा करने पर कहा वह तो समीक्षा करेंगे ही जिस पीढ़ी ने 2012-17 के बीच का इनका निजाम देखा है, वह अपने जीवन में तो इन्हें वोट देंगे नहीं। इस समीक्षा में इन्हें यह भी बताना चाहिए। बघेल ने कहा कि पांच साल में सबसे ज्यादा अगर किसी ने कुछ खोया है तो वो शिवपाल सिंह ने खोया है। जसवंतनगर में बघेल ने कहा कि 1860 की आईपीसी,1973 की सीआरपीसी तथा 1872 के एविडेंस एक्ट में बदलाव पर विचार किया जा रहा है।