इटावा/औरैया। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत आयोग के ‘सी-विजिल-एप’ पर की जा सकेगी। शिकायतों का निवारण करने के लिए प्रशासन ने नौ उड़नदस्तों का गठन कर दिया है। प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए तीन-तीन उड़नदस्ते तैनात किए गए हैं। उड़नदस्ते 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। एप पर की गई शिकायत का निवारण उड़नदस्ते को 100 मिनट के अंदर करना होगा। उड़नदस्तों की लोकेशन जानने के लिए प्रत्येक वाहन पर जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा।
विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के हाथ में सी-विजिल ऐप का हथियार थमा दिया है। इस एप के माध्यम से मतदाता प्रत्याशियों के आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत कर सकता है। शिकायतकर्ता की पहचान भी गुप्त रखी जाएगी। आयोग इस पर आने वाली शिकायत को गंभीरता से लेकर 100 मिनट में निस्तारित भी करेगा।
चुनावों के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता का पालन कराना प्रशासन की टीम के लिए सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण कार्य रहता है। चुनाव आयोग के निर्देश पर निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिला प्रशासन ने जिले में भी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। संहिता उल्लंघन के मामलों से निपटने के लिए जिला स्तर पर काल सेंटर ने काम करना शुरू कर दिया है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी उदयनारायण सिंह ने बताया कि जल्द ही इन उड़नदस्तों के वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे कि इन वाहनों की लोकेशन की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसका एकमात्र उद्देश्य शिकायत मिलने पर सबसे नजदीकी उड़न दस्ते को सूचना देकर मौके पर भेजकर तत्काल कार्रवाई कराना है।
सी-विजिल एप ऐसे करें डाउनलोड
चुनाव आयोग का यह एप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। एंड्रॉयड में आप गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से इसे इंस्टाल कर सकते है। इंस्टॉल करने पर कैमरा, लोकेशन और ऑडियो और फाइल एक्सेस करने की अनुमति मांगी जाएगी। इसके बाद भाषा चुनने का विकल्प मिलता है। आप हिंदी या अंग्रेजी भाषा का चयन कर सकते हैं। आपको फोन नंबर लिखना होगा, जिस पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करने के बाद अपना नाम, पता, राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र और पिन कोड की जानकारी देनी होगी। जानकारियां देने के बाद आपको सत्यापन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एप काम करना शुरू कर देगा।
इस तरह से कर सकते हैं एप का प्रयोग
आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी देने के लिए फोटो या दो मिनट अवधि का वीडियो एप पर अपलोड कर सकते हैं। फोटो या वीडियो अपलोड होते ही उस जगह की लोकेशन भी पता चल जाएगी। अपलोड होने के बाद यूजर को एक यूनिक आईडी मिलेगी। जिसके जरिए मोबाइल पर ही फॉलोअप ट्रैक कर सकते हैं। शिकायत करने वाले यूजर की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा।
नहीं कर सकते हैं दुरुपयोग
ऐप में पहले से रिकार्डेड वीडियो या फोटो अपलोड नहीं होगा, जिससे ऐप का दुरुपयोग न हो सके । ऐप के जरिए रिकॉर्ड किए गए वीडियो या फोटो भी फोन गैलरी में सेव नहीं होंगे। गड़बड़ी का सबूत देने के लिए फोटो, वीडियो भेजना होगा। इसके अलावा ऐप में प्रत्याशी की जानकारी भी हासिल की जा सकती है।
ये शिकायतें होगी दर्ज :- धन वितरण, उपहार या कूपन का वितरण, शराब का वितरण, बिना अनुमति के पोस्टर लगाना, पेड न्यूज, प्रतिबंधित अवधि में प्रचार आदि।
आचार संहिता उल्लंघन रोकने के लिए कोई भी मतदाता सी-विजिल एप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत करने वाले व्यक्ति से जुड़ी सभी जानकारियां गोपनीय रखी जाएंगी। शिकायत मिलते ही उस पर कार्रवाई कराई जाएगी। - रेखा एस चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी।